UPI पेमेंट पर लगने वाले चार्ज को दिवाली तक टाला, 2 हजार से ज्यादा के पेमेंट पर 15 अक्टूबर से लगनी थी फीस, देशभर में हुआ था विरोध

By Ashish Meena
अक्टूबर 13, 2026

UPI पेमेंट पर लगने वाले MDR चार्ज को दिवाली तक टाल दिया गया है। इसे पहले 15 अक्टूबर से लागू किया जाना था। इसमें दुकानदार को ₹2,000 से ज्यादा का UPI पेमेंट करने पर 0.4% चार्ज लगना था। आम लोगों के बीच ट्रांजैक्शन फ्री रहेगा।

NPCI ने त्योहारी सीजन को देखते हुए इसे टालने का फैसला लिया है। NPCI ने कहा है कि इसे दिवाली के तुरंत बाद लगाया जाएगा, लेकिन अभी तारीख नहीं बताई है।

सरकार के MDR प्रपोजल की 3 बड़ी बातें

अगर ग्राहक दुकानदार को ₹2,000 से ज्यादा का UPI पेमेंट करता है, तो दुकानदार को कुल रकम पर 0.4% का MDR चार्ज देना होगा।
अगर ग्राहक ₹75,000 या उससे ज्यादा का बड़ा पेमेंट करता है, तो प्रतिशत के बजाय अधिकतम ₹300 का फ्लैट चार्ज लागू होगा।
अगर ग्राहक रेलवे, टेलीकॉम, इंश्योरेंस या फ्यूल पर ₹2,000 से ज्यादा का पेमेंट करता है, तो प्रति ट्रांजैक्शन ₹5 का फ्लैट चार्ज लगेगा।

देशभर में हुआ था विरोध

सरकार के इस फैसले का देशभर के कारोबारियों और विपक्षी नेताओं ने विरोध किया था। विरोध दो स्तरों पर हुआ। विपक्षी नेताओं ने राजनीतिक और आम लोगों पर असर को लेकर सवाल उठाए, जबकि कारोबारी संगठनों ने लागत बढ़ने और ग्राहकों पर बोझ पड़ने की आशंका जताई। उनका कहना था कि इससे छोटे कारोबारियों को ज्यादा नुकसान होगा।

मर्चेंट डिस्काउंट रेट क्या होता है?

मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी MDR, यह वह फीस होती है जो कोई व्यापारी या दुकानदार डेबिट/क्रेडिट कार्ड या डिजिटल पेमेंट (UPI) की सुविधा यानी पॉइंट ऑफ सेल मशीन या पेमेंट गेटवे का उपयोग करने के बदले बैंक और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स को देता है।

यह फीस डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और ट्रांसफर नेटवर्क को सही से चलाने की लागत को पूरा करने के लिए लिया जाता है। यह चार्ज व्यापारी को देना होता है, ग्राहक को नहीं।

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आशीष मीणा हिंदी पत्रकार हैं और राष्ट्रीय तथा सामाजिक मुद्दों पर लिखते हैं। उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई की है और वह तथ्यात्मक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग पर ध्यान केंद्रित करते हैं।

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