इंदौर में दूषित पानी मामले में CM मोहन यादव का बड़ा एक्शन, इस अधिकारी को हटाया
By Ashish Meena
जनवरी 2, 2026
Indore News : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में हुए दूषित पेयजल मामले की समीक्षा की और इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश दिए। मुख्य सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में पूरे प्रकरण की वर्तमान स्थिति और भविष्य की रणनीति पर चर्चा हुई।
एडिशनल कमिश्नर सिसोनिया को इंदौर से हटाया
नगर निगम कमिश्नर दिलीप यादव और एडिशनल कमिश्नर रोहित सिसोनिया को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। एडिशनल कमिश्नर सिसोनिया को इंदौर से हटा दिया गया है। वहीं, इंचार्ज सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर बबलू शर्मा से जल वितरण कार्य विभाग का प्रभार वापस ले लिया गया है।
इसके अलावा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नगर निगम में जितने भी जरूरी खाली पद है, उन्हें भरने के निर्देश दिए गए हैं। इससे पहले, इंदौर में गंदे पानी से मौत के मामले में मध्य प्रदेश सरकार ने अपनी स्टेटस रिपोर्ट शुक्रवार को हाईकोर्ट में पेश कर दी, इसमें पानी से सिर्फ 4 मौत होने की बात कही है।
सरकार की रिपोर्ट तब आई, जब मृतकों के परिजन और अस्पतालों के जरिए 15 मौतों की जानकारी सामने आ चुकी है। सभी को उल्टी-दस्त और पेट दर्द की शिकायत के बाद भर्ती कराया गया था। कुछ को बुखार भी था। इनमें 5 महीने के मासूम बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक शामिल हैं।
मेडिकल कॉलेज की रिपोर्ट में जानलेवा बैक्टीरिया की पुष्टि
गुरुवार को महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज की लैब रिपोर्ट में भी पानी में सीवेज मिलने की पुष्टि हो चुकी है। इसके बाद कलेक्टर शिवम वर्मा और सीएमएचओ डॉ. माधव हसानी ने कहा था- पानी में बैक्टीरिया मिले हैं, लेकिन विस्तृत रिपोर्ट जारी नहीं की। कलेक्टर ने कहा था- पानी की कल्चर रिपोर्ट आने के बाद और स्थिति स्पष्ट होगी।
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और सांसद शंकर लालवानी भी पाइपलाइन लीकेज व पानी में सीवेज मिला होने की बात कह चुके हैं। मंत्री विजयवर्गीय के विधानसभा क्षेत्र के भागीरथपुरा के 16 बच्चों समेत 201 लोग अब भी अस्पतालों में भर्ती हैं।
हाईकोर्ट ने जनहित याचिका पर सुनवाई की अगली तारीख 6 जनवरी तय की है। वहीं, इंटर विनर (हस्तक्षेप कर्ता) गोविंद सिंह बैस की ओर से मीडिया में रिपोर्ट पब्लिश करने पर रोक लगाने की मांग की गई। इस पर कोर्ट ने कोई टिप्पणी नहीं की।
इस मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने संज्ञान लेते हुए मुख्य सचिव से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। इसके लिए दो सप्ताह का अल्टीमेटम दिया है।
अब मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का विरोध इंदौर के साथ ही भोपाल, जबलपुर, रतलाम और नर्मदापुरम में भी हो रहा है। वहीं, पूर्व सीएम उमा भारती ने इसे सीएम मोहन यादव के लिए परीक्षा की घड़ी बताया। इस पाप का प्रायश्चित करना होगा।
वहीं, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि साफ पानी अहसान नहीं, जीवन का अधिकार है। इस अधिकार की हत्या के लिए BJP का डबल इंजन, उसका लापरवाह प्रशासन और संवेदनहीन नेतृत्व पूरी तरह जिम्मेदार है।
एक्सपर्ट बोले- दूषित पानी में हैजा जैसे घातक बैक्टीरिया
एक्सपर्ट्स के मुताबिक दूषित पानी यानी इसमें बैक्टीरिया होना है, लेकिन कौन से बैक्टीरिया ने प्रभावित किया, इसके लिए स्पेशल (कल्चर) जांच होती है। ड्रेनेज के पानी में कई तरह के तत्व होते हैं। इनमें टॉयलेट से निकलने वाला मल-मूत्र, बाथरूम का नहाने का, कपड़े धोने का साबुन, पावडर का पानी भी होता है।
इसके अलावा बर्तन धोने के साबुन, पावडर, फर्श साफ करने का लिक्विड, केमिकल भी होता है। ये सारा वेस्ट ड्रेनेज में मिक्स होता है। ऐसे ही क्षेत्र में अगर कॉमर्शियल में केमिकल संबंधी वेस्ट भी है तो यह सभी मिक्स होकर घातक हो जाते हैं। फिर अगर ये पीने के पानी की लाइन में मिक्स हो जाए तो और टॉक्सिक हो जाते हैं।
ऐसे में फिर Shigella, Salmonella, Salmonella, Cholera (हैजा), Escherichia coli आदि बैक्टीरिया हो जाते हैं। इनमें कोई एक बैक्टीरिया ऐसा हो सकता है, जिसके कारण ऐसी जानलेवा स्थिति बनी।
राहुल बोले- जहर बंटा और प्रशासन कुंभकर्णी नींद में रहा
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा- इंदौर में पानी नहीं, जहर बंटा और प्रशासन कुंभकर्णी नींद में रहा। घर-घर मातम है, गरीब बेबस हैं और ऊपर से BJP नेताओं के अहंकारी बयान। जिनके घरों में चूल्हा बुझा है, उन्हें सांत्वना चाहिए थी, सरकार ने घमंड परोस दिया।
जिम्मेदार अफसरों-नेताओं पर कार्रवाई कब होगी?
लोगों ने बार-बार गंदे, बदबूदार पानी की शिकायत की – फिर भी सुनवाई क्यों नहीं हुई? सीवर पीने के पानी में कैसे मिला? समय रहते सप्लाई बंद क्यों नहीं हुई? जिम्मेदार अफसरों और नेताओं पर कार्रवाई कब होगी? ये ‘फोकट’ सवाल नहीं- ये जवाबदेही की मांग है।
मध्यप्रदेश अब कुप्रशासन का एपिसेंटर बन चुका
राहुल ने लिखा- साफ पानी अहसान नहीं, जीवन का अधिकार है। और इस अधिकार की हत्या के लिए BJP का डबल इंजन, उसका लापरवाह प्रशासन और संवेदनहीन नेतृत्व पूरी तरह जिम्मेदार है। मध्यप्रदेश अब कुप्रशासन का एपिसेंटर बन चुका है।
खरगे बोले- मोदीजी हमेशा की तरह मौतों पर मौन हैं
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया पोस्ट कर कहा– जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत अभियान का ढिंढोरा पीटने वाले नरेंद्र मोदी जी, हमेशा की तरह इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौतों को लेकर मौन हैं।
यह वही इंदौर शहर है जिसने केंद्र सरकार के स्वच्छ सर्वेक्षण में लगातार आठवीं बार सबसे स्वच्छ शहर का खिताब जीता है। ये शर्मनाक बात है कि यहां पर भाजपा के निकम्मेपन के चलते लोग साफ पानी के मोहताज हैं।
11 साल से देश केवल लंबे-चौड़े भाषण, झूठ-प्रपंच, खोखले दावे, डबल-इंजन की डींगें सुन रहा है। जब मंत्री जी से सवाल पूछा जाता है तो वो गाली-गलौज पर उतर आते हैं। सत्ता के अहंकार में उल्टा पत्रकार पर हावी हो जाते हैं।
भाजपा सरकारों के कुशासन पर पूरी मशीनरी पर्दा डालने में जुट जाती है। मोदी सरकार और भाजपा ने ना देश को साफ पानी मुहैया कराया है और ना ही स्वच्छ हवा। आम जनता भुगत रही है।
पूर्व सीएम उमा बोलीं- घटना ने पूरी व्यवस्था को शर्मिंदा किया
अपने आधिकारिक X अकाउंट पर पूर्व सीएम उमा भारती ने लिखा- साल 2025 के अंत में इंदौर में गंदे पानी पीने से हुई मौतें हमारे प्रदेश, हमारी सरकार और हमारी पूरी व्यवस्था को शर्मिंदा और कलंकित कर गईं।
प्रदेश के सबसे स्वच्छ शहर का अवॉर्ड प्राप्त करने वाले नगर में इतनी बदसूरती, गंदगी, जहर मिला पानी जो कितनी जिंदगियों को निगल गया और निगलता जा रहा है, मौत का आंकड़ा बढ़ रहा है।
यह मोहन यादव जी की परीक्षा की घड़ी है
उमा ने आगे लिखा-जिंदगी की कीमत दो लाख रुपए नहीं होती, क्योंकि उनके परिजन जीवन भर दुःख में डूबे रहते हैं। पीड़ितजन से माफी मांगनी होगी। नीचे से लेकर ऊपर तक जो भी अपराधी हैं उन्हें अधिकतम दंड देना होगा। यह मोहन यादव जी की परीक्षा की घड़ी है।
