मालवा जंक्शन की खबर का असर: खातेगांव में 18 दिन बाद सुलझी हत्या की गुत्थी, महिला को जिंदा जलाने वाले 4 आरोपी गिरफ्तार

By Ashish Meena
जुलाई 8, 2026

मालवा जंक्शन, खातेगांव।
खातेगांव के ग्राम बछखाल में 18 दिन पूर्व हुई एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। झोपड़ी में आग लगाकर 51 वर्षीय महिला को जिंदा जलाने के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। ‘मालवा जंक्शन’ अखबार द्वारा इस संवेदनशील मामले को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद प्रशासन और पुलिस की सक्रियता बढ़ी और अंततः न्याय की दिशा में ठोस कदम उठाए गए।

यह खौफनाक वारदात 18 जून की भोर में करीब 4:00 से 4:30 बजे के बीच घटित हुई थी। ग्राम बछखाल निवासी गायत्री बाई (पति नारायण दास बैरागी) उस समय अपनी टापरी में सो रही थीं। तभी गांव के ही कुछ दबंगों ने आपसी पुरानी रंजिश के चलते उनकी झोपड़ी को चारों तरफ से घेर लिया और उसमें आग लगा दी। आग की लपटों ने देखते ही देखते पूरी झोपड़ी को अपनी आगोश में ले लिया। इस भीषण आगजनी में गायत्री बाई बुरी तरह झुलस गई थीं। उन्हें तत्काल गंभीर हालत में उपचार के लिए खातेगांव के शासकीय अस्पताल ले जाया गया, इसके बाद स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्हें इंदौर रेफर किया गया, जहाँ इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।

साजिश के तहत दिया गया घटना को अंजाम

घटना के बाद पुलिस ने इंदौर में दर्ज हुए मर्ग के आधार पर विवेचना शुरू की थी। इस दौरान मृतिका के परिजनों और गांव के चश्मदीद गवाहों के बयान दर्ज किए गए। फॉरेंसिक टीम और पुलिस अधिकारियों द्वारा घटनास्थल के बारीकी से निरीक्षण और साक्ष्यों के संकलन के बाद यह स्पष्ट हो गया कि यह कोई दुर्घटना नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश के तहत की गई हत्या थी।

आरोपियों की हुई पहचान

पुलिस जांच में जिन चार लोगों के नाम मुख्य रूप से सामने आए, वे सभी गांव के ही रहने वाले हैं। पकड़े गए आरोपियों में गोविंद दास बैरागी, अजय बैरागी, सतानंद बैरागी और गोलू उर्फ अभय बैरागी शामिल हैं। इन चारों ने पुरानी रंजिश का बदला लेने के लिए गायत्री बाई की जान लेने की नीयत से उनकी झोपड़ी को आग के हवाले किया था।

18 दिन बाद हत्या की धारा में मामला दर्ज

घटना के 18 दिन बाद, सोमवार को पुलिस ने ठोस सबूतों के आधार पर चारों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) यानी हत्या और धारा 326(g) यानी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के लिए आग लगाने के तहत मामला दर्ज कर लिया। मंगलवार को पुलिस ने इन चारों हत्यारोपियों को स्थानीय न्यायालय में पेश किया, जहाँ से अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।

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आशीष मीणा हिंदी पत्रकार हैं और राष्ट्रीय तथा सामाजिक मुद्दों पर लिखते हैं। उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई की है और वह तथ्यात्मक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग पर ध्यान केंद्रित करते हैं।

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