मध्यप्रदेश के बजट में 11 हजार से ज्यादा गांवों के लिए हुई बड़ी घोषणा, इन्हें होगा फायदा

By Ashish Meena
फ़रवरी 18, 2026

मध्यप्रदेश विधानसभा में वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने वित्तीय वर्ष 2026–27 का बजट पेश किया। मोहन सरकार का ये तीसरा और अब तक का सबसे बड़ा बजट है। बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने कहा कि ये पीएम के सपने को साकार करने वाला बजट है। हर हाथ को काम, हर युवा को रोजगार मिलेगा। हर नारी को न्याय हमारी सरकार का उद्देश्य है। हम देश के तीसरे युवा प्रदेश हैं। युवाओं के हाथ को काम मिले ये हमारा संकल्प है।

11,277 गांवों के विकास के लिए 793 करोड़

वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों के 11,277 गांवों के विकास के लिए 793 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया गया है। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों की कनेक्टिविटी के लिए 21,630 करोड़ रुपए की योजना को मंजूरी।

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लाखों विद्यार्थियों को सौगात

पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक वर्ग के छात्रों के छात्रावासों को आदर्श छात्रावास के रूप में विकसित किया जा रहा है। पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत 7 लाख 95 हजार विद्यार्थियों को लाभ दिया गया है।

सरदार पटेल कोचिंग योजना के अंतर्गत 4 हजार विद्यार्थियों को लाभांवित करने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके अलावा पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक कल्याण, घुमक्कड़ एवं अर्ध-घुमक्कड़ वर्गों के उत्थान के लिए 1,651 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया गया है।

21,630 करोड़ की सड़क योजना मंजूर

वित्त मंत्री ने जगदीश देवड़ा ने मध्यप्रदेश बजट पेश करते हुए बताया कि जो कहा सो किया। हमारी सरकार के लिए बजट संवैधानिक दायित्वों के साथ कथनी करनी का वादा भी है। पिछले बजट भाषण के ये काम हो चुके हैं। 21,630 करोड़ की मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना मंजूर की जा चुकी है। ग्राम विकास पर केंद्रीय मुख्यमंत्री वृंदावन योजना शुरू की जा चुकी है। अहिल्या बाई कौशल विकास योजना शुरू की जा चुकी है।

1 लाख सोलर पंप मिलेंगे

वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बताया कि किसानों को 3000 करोड़ रुपए की लागत से किसानों को 1 लाख सोलर पंप उपलब्ध कराए जाएंगे। किसान परिवारों को किसान सम्मान निधि और मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत प्रतिवर्ष कुल 12 हजार रुपए दिए जा रहे हैं।

भावांतर की सफलता को अन्य राज्यों ने अपनाया

आगे वित्त मंत्री ने बताया कि भावांतर योजना की सफलता से प्रभावित होकर अन्य राज्यों ने भी इसमें रुचि दिखाई है। कृषक उन्नति योजना की घोषणा की गई है, जिसके अंतर्गत किसानों को विशेष प्रोत्साहन देने का प्रावधान किया गया है। वहीं, जैविक एवं प्राकृतिक खेती के लिए 21 लाख 42 हजार हेक्टेयर क्षेत्र पंजीकृत किया गया है।

कैसे रहे मोहन सरकार के पिछले बजट

मोहन सरकार ने अपना पहला बजट (2024-25) 3 लाख 65 हजार 67 करोड़ का पेश किया था। जबकि, दूसरा बजट (2025-26) 4,21,032 करोड़ रुपए का बजट पेश किया था। आज मोहन सरकार का तीसरा बजट (2026-27) 18 फरवरी को पेश हो रहा है। एमपी की भाजपा सरकार ने विकसित एमपी 2047 को देखते हुए राज्य की अर्थव्यवस्था को 2 ट्रिलियन तक ले जाने का टारगेट सेट किया है। याद दिलाते चलें कि, पिछले साल प्रदेश का बजट सत्र 10 मार्च से शुरू हुआ था, जो 24 मार्च तक यानी 15 दिन चला था।

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आशीष मीणा हिंदी पत्रकार हैं और राष्ट्रीय तथा सामाजिक मुद्दों पर लिखते हैं। उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई की है और वह तथ्यात्मक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग पर ध्यान केंद्रित करते हैं।

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