अफगानिस्तान ने पाकिस्तान पर किया हमला, PAK ने भी की जवाबी एयरस्ट्राइक, रक्षामंत्री का ऐलान- अब खुला युद्ध होगा
By Ashish Meena
फ़रवरी 27, 2026
अफगानिस्तान ने गुरुवार देर रात पाकिस्तान पर हमला किया। टोलो न्यूज के मुताबिक तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने इस हमले में 55 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराने का दावा किया। यह हमला 22 फरवरी को अफगानिस्तान में पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक के जवाब में किया गया।
अफगान सरकार का दावा है कि 23 पाकिस्तानी सैनिकों के शव उसके पास हैं। पाकिस्तानी सेना के एक हेडक्वॉर्टर और 19 चौकियों पर भी कब्जा कर लिया गया है।
वहीं, पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक जवाबी कार्रवाई करते हुए PAK सरकार ने ऑपरेशन ‘गजब लिल हक’ शुरू किया है। पाकिस्तान की वायुसेना ने काबुल, नंगरहार प्रांत समेत कई शहरों में एयरस्ट्राइक की।
PAK रक्षामंत्री ने कहा- खुला युद्ध छिड़ गया
पाकिस्तान का दावा है कि अब तक 133 अफगान तालिबान लड़ाके मारे गए और 200 से ज्यादा घायल हैं। 27 तालिबान चौकियां तबाह कर दी गई हैं और 9 पर कब्जा कर लिया गया है। PAK रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि हमारे सब्र की सीमा पार हो चुकी है, अब हमारे और आपके बीच खुला युद्ध छिड़ गया है।
हमले में कितने लोग मरे, दोनों देशों के दावे अलग
पाकिस्तान और तालिबान सरकार दोनों पक्षों ने हमलों के बाद हुए नुकसान के अपने-अपने दावे किए हैं। अफगानिस्तान रक्षा मंत्रालय ने कहा कि 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए, जिनमें से कुछ शव अफगानिस्तान ले जाए गए, जबकि कई अन्य को जिंदा पकड़ लिया गया।
अफगान रक्षा मंत्रालय ने ये भी बताया कि पाकिस्तान के हमलों में हमारे 8 लोग मारे गए, जबकि 11 घायल हुए। हमने 19 पाकिस्तानी आर्मी पोस्ट और दो बेस तबाह किए। हमला शुरू होने के करीब चार घंटे बाद आधी रात को लड़ाई खत्म हो गई थी।
वहीं, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के प्रवक्ता मुशर्रफ अली जैदी ने 133 अफगान तालिबान लड़ाकों को मार गिराने का दावा किया है।
कई बॉर्डर इलाकों में अभी भी संघर्ष जारी
नंगरहार, नूरिस्तान, कुनार, खोस्त, पक्तिया और पक्तिका जैसे बॉर्डर इलाकों में दोनों पक्षों में संघर्ष जारी है। ये चौकियां नंगरहार के गोश्ता जिले और कुनार प्रांत में डूरंड लाइन के पास स्थित है।
पाकिस्तान ने 22 फरवरी को अफगानिस्तान के भीतरी इलाकों में हवाई हमले किए थे। उसका कहना था कि ये हमले पाकिस्तानी तालिबान (TTP) और इस्लामिक स्टेट से जुड़े ठिकानों पर किए गए हैं।
पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने बताया था कि यह कार्रवाई खुफिया जानकारी के आधार पर की गई थी और जरूरत पड़ने पर आगे भी ऐसे ऑपरेशन किए जाएंगे।
पाकिस्तानी हमले में मारे गए लोगों के परिजनों से मिले अफगान सैनिक
अफगान डिफेंस फोर्सेज के सैनिक पाकिस्तान पर हमले से वापसी के बाद नंगरहार प्रांत के बेहसूद जिले में उन परिवारों से मिले, जिनके सदस्य पिछले हफ्ते पाकिस्तानी हमले में मारे गए थे। हमले में परिवार के अधिकांश सदस्य जान गंवा चुके हैं और एक नाबालिग बच्चा ही जीवित बचा है।
सैनिकों ने घर पहुंचकर परिजन से मुलाकात की और संवेदना जताई। उन्होंने बताया कि हमले के बाद काउंटर-ऑपरेशन चलाया गया और कार्रवाई के जरिए जवाब दिया गया।
पाकिस्तान ने TTP और ISIS के ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की थी
22 फरवरी को पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में एयरस्ट्राइक की थी। पाकिस्तान के उप गृह मंत्री तलाल चौधरी ने दावा किया था कि सीमावर्ती इलाकों में TTP के ठिकानों पर कार्रवाई में कम से कम 70 लड़ाके मारे गए। बाद में पाकिस्तानी अखबार डॉन ने यह संख्या 80 तक पहुंचने का दावा किया था।
तालिबान ने कहा था वक्त आने पर कड़ा जवाब देंगे
अफगानिस्तान ने इन हमलों की कड़ी निंदा की थी। तालिबान का कहना था कि हमलों में आम नागरिकों को निशाना बनाया गया। टोलो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, नंगरहार में एक घर पर हमले के बाद एक ही परिवार के 23 लोग मलबे में दब गए थे।
वहीं, अफगान रक्षा मंत्रालय ने कहा था कि पाकिस्तान को ‘सही समय पर कड़ा जवाब’ दिया जाएगा। मंत्रालय ने इन हमलों को देश की संप्रभुता का उल्लंघन बताया था।
पाकिस्तान लंबे समय से अफगानिस्तान की तालिबान सरकार पर दबाव बनाता रहा है कि वह अपनी जमीन का इस्तेमाल किसी भी आतंकी संगठन को न करने दे। इस्लामाबाद का आरोप है कि TTP अफगानिस्तान से ऑपरेट हो रहा है, जबकि तालिबान सरकार इन आरोपों से लगातार इनकार करती रही है।
पाकिस्तानी शिया मस्जिद में जुमे की नमाज के दौरान ब्लास्ट हुआ था
पाकिस्तान ने रविवार (22 फरवरी) को जब अफगानिस्तान में एयरस्ट्राइक की थी, इससे कुछ घंटे पहले खैबर पख्तूनख्वा के बन्नू जिले में सुरक्षा काफिले पर आत्मघाती हमला हुआ, जिसमें दो सैनिक, जिनमें एक लेफ्टिनेंट कर्नल भी मारे गए।
16 फरवरी को पाकिस्तान के बाजौर में विस्फोटकों से भरी गाड़ी सुरक्षा चौकी से टकरा दी गई थी। इस हमले में 11 सैनिक और एक बच्चे की मौत हुई। अधिकारियों ने हमलावर को अफगान नागरिक बताया था।
इससे पहले 6 फरवरी को इस्लामाबाद में जुमे की नमाज के दौरान शिया मस्जिद (इमामबाड़ा) में आत्मघाती हमला हुआ था। पाकिस्तानी अखबार द डॉन के मुताबिक हमले में 31 लोगों की मौत और 169 घायल हुए। इस हमले की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट ने ली थी।
अक्टूबर में हिंसक झड़पों के बाद तनाव बढ़ा
अक्टूबर में सीमा पर हुई झड़पों में दोनों तरफ के सैनिकों और नागरिकों की मौत के बाद से पाकिस्तान और अफगानिस्तान के रिश्ते तनावपूर्ण बने हुए हैं। कतर की मध्यस्थता से 19 अक्टूबर को युद्धविराम हुआ था, लेकिन तुर्किये के इस्तांबुल में वार्ता औपचारिक समझौते तक नहीं पहुंच सकी।
दरअसल, 9 अक्टूबर को अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के ठिकानों पर हवाई हमले हुए थे। तालिबान का कहना था कि ये हमले पाकिस्तान ने किए थे।
हालांकि, पाकिस्तान ने साफ तौर पर ये नहीं कहा कि ये हमले उसने किए, लेकिन उसने तालिबान को चेतावनी दी कि वह अपनी जमीन पर TTP को पनाह न दे।
दोनों देशों के बीच पहले भी हुआ है तनाव
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच डूरंड लाइन को लेकर लंबे समय से विवाद है। दोनों देश एक-दूसरे पर हमले और आतंकियों को छिपाने का आरोप लगाते रहते हैं। 2021 में अफगानिस्तान हुकूमत पर तालिबान के कंट्रोल के बाद से तनाव और बढ़ गया है।
