MP की राजनीति में बड़ा उलटफेर, कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा का चुनाव शून्य घोषित, हाईकोर्ट ने रामनिवास रावत को विधायक घोषित किया

By Ashish Meena
मार्च 10, 2026

मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा और चौंकाने वाला घटनाक्रम सामने आया है। ग्वालियर हाईकोर्ट के एक फैसले ने विजयपुर विधानसभा सीट की पूरी तस्वीर बदल दी है। कोर्ट ने कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा का चुनाव शून्य घोषित कर दिया है। इसके साथ ही बीजेपी नेता रामनिवास रावत को इस सीट का नया विधायक घोषित करने का आदेश भी दिया गया है।

इस फैसले के बाद मध्य प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। विजयपुर विधानसभा सीट को लेकर लंबे समय से चल रही कानूनी लड़ाई अब हाईकोर्ट के फैसले के साथ एक नए मोड़ पर पहुंच गई है। कांग्रेस के लिए यह फैसला बड़ा झटका माना जा रहा है, जबकि बीजेपी के लिए इसे एक बड़ी राजनीतिक जीत के तौर पर देखा जा रहा है।

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विजयपुर विधानसभा सीट पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

ग्वालियर हाईकोर्ट की बेंच ने विजयपुर विधानसभा सीट से जुड़े इस मामले की सुनवाई के बाद अहम फैसला सुनाया। जस्टिस जीएस अहलूवालिया की बेंच ने कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा का चुनाव अमान्य घोषित कर दिया।

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि चुनाव के दौरान उम्मीदवार को अपने बारे में पूरी और सही जानकारी देना जरूरी होता है। अगर कोई उम्मीदवार अपने हलफनामे में महत्वपूर्ण जानकारी छिपाता है तो यह चुनाव कानून का उल्लंघन माना जाता है। इसी आधार पर कोर्ट ने मुकेश मल्होत्रा का चुनाव निरस्त करते हुए बीजेपी नेता रामनिवास रावत को विजयपुर विधानसभा सीट का निर्वाचित विधायक घोषित कर दिया।

चुनावी हलफनामे में जानकारी छिपाने का आरोप

यह पूरा मामला चुनावी हलफनामे में जानकारी छिपाने के आरोप से जुड़ा हुआ है। बीजेपी नेता और पूर्व मंत्री रामनिवास रावत ने हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दाखिल की थी।याचिका में आरोप लगाया गया था कि कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा ने अपने नामांकन पत्र और हलफनामे में अपने खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों की जानकारी छिपाई थी।

रामनिवास रावत ने कोर्ट को बताया कि मुकेश मल्होत्रा के खिलाफ कुल छह आपराधिक मामले दर्ज थे, लेकिन उन्होंने इन मामलों का उल्लेख अपने चुनावी हलफनामे में नहीं किया। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान इस मामले की विस्तार से जांच की और पाया कि महत्वपूर्ण जानकारी छिपाना चुनाव नियमों के खिलाफ है। इसी आधार पर अदालत ने यह ऐतिहासिक फैसला सुनाया।

रामनिवास रावत को मिली बड़ी राहत

हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद बीजेपी नेता रामनिवास रावत को बड़ी राहत मिली है। अदालत ने उन्हें सीधे विजयपुर विधानसभा सीट का नया विधायक घोषित कर दिया है।

इस फैसले के बाद अब विजयपुर सीट पर दोबारा उपचुनाव कराने की जरूरत नहीं होगी। कोर्ट के आदेश के अनुसार रामनिवास रावत को विधायक के रूप में मान्यता मिल जाएगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला रामनिवास रावत के लिए एक बड़ी राजनीतिक वापसी साबित हो सकता है।

क्या है विजयपुर सीट का पूरा राजनीतिक घटनाक्रम

विजयपुर विधानसभा सीट का राजनीतिक घटनाक्रम पिछले कुछ समय से काफी दिलचस्प रहा है। रामनिवास रावत पहले कांग्रेस पार्टी से जुड़े हुए थे और 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर विजयपुर से जीत हासिल की थी।

इसके बाद 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने कांग्रेस छोड़कर बीजेपी जॉइन कर ली थी। बीजेपी में शामिल होने के बाद उन्हें मोहन यादव सरकार में सीधे कैबिनेट मंत्री बना दिया गया था।

लेकिन मंत्री बनने के बाद विजयपुर सीट खाली हो गई और वहां उपचुनाव कराया गया। इस उपचुनाव में रामनिवास रावत को हार का सामना करना पड़ा और उन्हें मंत्री पद से भी इस्तीफा देना पड़ा। इसके बाद उन्होंने चुनाव परिणाम को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

मुकेश मल्होत्रा का राजनीतिक सफर

मुकेश मल्होत्रा क्षेत्र के प्रभावशाली आदिवासी नेताओं में गिने जाते हैं। उनका राजनीतिक सफर भी काफी दिलचस्प रहा है। वे पहले बीजेपी सरकार में दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री रह चुके हैं। हालांकि 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था और लगभग 45 हजार वोट हासिल किए थे।

इसके बाद मई 2024 में प्रियंका गांधी की मौजूदगी में उन्होंने कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी। विजयपुर विधानसभा क्षेत्र में सहारिया आदिवासी समाज के लगभग 70 हजार से ज्यादा वोट हैं। इसी सामाजिक समीकरण को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस ने मुकेश मल्होत्रा को मैदान में उतारा था और उन्हें चुनाव में जीत भी मिली थी।

कांग्रेस के लिए बड़ा राजनीतिक झटका

हाईकोर्ट के इस फैसले को कांग्रेस के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। विजयपुर विधानसभा सीट कांग्रेस के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती थी। लेकिन अदालत के फैसले के बाद यह सीट अब कांग्रेस के हाथ से निकल चुकी है। इससे राज्य की राजनीतिक समीकरणों पर भी असर पड़ सकता है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले के बाद कांग्रेस को इस सीट पर अपनी रणनीति दोबारा तय करनी होगी।

सुप्रीम कोर्ट जा सकती है कांग्रेस

हालांकि कांग्रेस के पास अभी कानूनी विकल्प मौजूद हैं। पार्टी इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे सकती है। अगर कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट जाती है तो मामले की कानूनी लड़ाई अभी और लंबी चल सकती है। लेकिन फिलहाल हाईकोर्ट के फैसले के बाद विजयपुर विधानसभा सीट पर रामनिवास रावत को विधायक घोषित कर दिया गया है। यह फैसला मध्य प्रदेश की राजनीति में आने वाले दिनों में नई हलचल पैदा कर सकता है।

 

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आशीष मीणा हिंदी पत्रकार हैं और राष्ट्रीय तथा सामाजिक मुद्दों पर लिखते हैं। उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई की है और वह तथ्यात्मक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग पर ध्यान केंद्रित करते हैं।

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