मौत के बाद परिवार ने किया अजीब कारनामा, अंतिम संस्कार में बुलवाई गर्ल डांसर्स, डेडबॉडी के सामने लगवाए ठुमके
By Ashish Meena
अप्रैल 25, 2026
मौत का नाम सुनते ही आंखों में आंसू और दिल में गम भर जाता है लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने सबको हैरान कर दिया है. थाईलैंड में एक परिवार ने अपने प्रियजन की विदाई आंसू बहाकर नहीं बल्कि ‘कोयोटी डांसर्स’ के ठुमकों के साथ की. मंदिर के अंदर ताबूत के ठीक सामने हुआ यह डांस अब इंटरनेट पर बहस का मुद्दा बन गया है.
थाईलैंड के नखोन सी थाम्मरत प्रांत से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां के रॉन फिबुन जिले में स्थित वाट थेप्पानोम चुआट नाम के एक बौद्ध मंदिर में बीते मंगलवार को अजीबोगरीब नजारा दिखा. एक 59 वर्षीय व्यक्ति के अंतिम संस्कार के दौरान परिवार ने तीन ‘कोयोटी डांसर्स’ (छोटे कपड़ों में नाचने वाली डांसर्स) को काम पर रखा था. इन डांसर्स ने मृतक के ताबूत के ठीक सामने परफॉर्म किया.
क्या थी मृतक की आखिरी इच्छा?
जब सोशल मीडिया पर इस वीडियो की आलोचना होने लगी तो मृतक के रिश्तेदारों ने इसकी असल वजह बताई. परिवार के अनुसार मरने वाले व्यक्ति का स्वभाव बहुत ही खुशमिजाज और जिंदादिल था. उन्होंने अपनी मौत से पहले यह इच्छा जताई थी कि उनके अंतिम विदाई पर कोई भी रोए नहीं. वह चाहते थे कि लोग गम मनाने के बजाय उनके जीवन का जश्न मनाएं. इसी अंतिम इच्छा को पूरा करने के लिए परिवार ने मातम के बीच डांस का आयोजन किया.
मंदिर में मंत्रोच्चार के बाद शुरू हुआ डांस
बैंकॉक पोस्ट की रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह पूरी घटना तब हुई जब बौद्ध भिक्षुओं ने अंतिम प्रार्थना और मंत्रोच्चार पूरा कर लिया था. जैसे ही भिक्षु वापस लौटे, इन तीन महिला डांसर्स ने ताबूत के सामने अपना कोरियोग्राफ किया हुआ डांस शुरू कर दिया. उस समय वहां हर उम्र के लोग मौजूद थे जो इस नजारे को देख रहे थे. इतना ही नहीं, इस पूरे कार्यक्रम को सोशल मीडिया पर लाइव-स्ट्रीम भी किया गया था.
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
इस वीडियो के वायरल होने के बाद लोग दो गुटों में बंट गए हैं. कुछ लोग इसे मृतक की इच्छा का सम्मान मान रहे हैं, वहीं कुछ इसे मंदिर की मर्यादा के खिलाफ बता रहे हैं. एक यूजर ने कमेंट में लिखा कि यह बैठकर रोने से तो बेहतर है, कम से कम दुख तो कम होता है. वहीं दूसरी ओर एक अन्य यूजर ने नाराजगी जताते हुए कहा कि मृतक की इच्छा ठीक है, लेकिन बच्चों के सामने इस तरह के कपड़े पहनकर डांस करना बिल्कुल गलत है.
मौत को बताया जीवन का हिस्सा
मरने वाले शख्स का निधन 15 अप्रैल को हुआ था. उन्होंने अपने अंतिम संदेश में लिखा था कि मौत जीवन का एक अनिवार्य हिस्सा है और इसे सहजता से लेना चाहिए. इसी विचारधारा को मानते हुए उनके परिवार ने शोक को खुशी में बदलने की कोशिश की. हालांकि, मंदिर जैसी पवित्र जगह पर इस तरह का प्रदर्शन थाई संस्कृति और धार्मिक मान्यताओं के लिहाज से अभी भी चर्चा का विषय बना हुआ है.
