मां-बहन की गाली दी तो भरना पड़ेगा 500 रुपये का जुर्माना! इस राज्य के गांव का अनोखा नियम

By Ashish Meena
मार्च 10, 2026

महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले के एक छोटे से गांव ने समाज को एक बड़ा संदेश देने वाली पहल की है। यहां ग्राम पंचायत ने एक ऐसा नियम लागू किया है, जो महिलाओं के सम्मान को केंद्र में रखता है। इस फैसले के तहत अगर कोई व्यक्ति किसी की मां या बहन को गाली देता है, तो उस पर 500 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।

यह निर्णय अहिल्यानगर जिले के श्रीगोंडा तालुका स्थित कोलगांव ग्राम पंचायत ने लिया है। खास बात यह है कि यह प्रस्ताव गांव की महिलाओं की ओर से आया था, जिसे ग्राम सभा में चर्चा के बाद मंजूरी दे दी गई। इस फैसले के बाद यह गांव पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया है।

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महिला ग्राम सभा में आया अनोखा प्रस्ताव

यह पहल अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर सामने आई। उस दिन गांव में एक विशेष महिला ग्राम सभा आयोजित की गई थी। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ आंगनवाड़ी सेविका शकुंतला देशमुख ने की।

कार्यक्रम के दौरान गांव की उन महिलाओं को सम्मानित किया गया, जिन्होंने कृषि और अन्य क्षेत्रों में अच्छा काम किया है। इसी दौरान स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिला पूजा जगताप ने एक महत्वपूर्ण सुझाव रखा।

उन्होंने कहा कि गांव में अक्सर लोग गुस्से या मजाक में मां-बहन को लेकर अपशब्द बोल देते हैं, जो महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाता है। इसलिए इस तरह की भाषा पर रोक लगाने के लिए कोई ठोस नियम बनाना चाहिए। इस सुझाव के बाद ग्राम सभा में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई और अंत में ग्राम पंचायत ने इसे प्रस्ताव के रूप में पास कर दिया।

गाली देने पर लगेगा 500 रुपये का जुर्माना

ग्राम पंचायत के सरपंच पुरुषोत्तम लगड़ ने बताया कि काफी विचार-विमर्श के बाद यह फैसला लिया गया कि अगर कोई व्यक्ति किसी की मां या बहन को लेकर अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करेगा, तो उस पर 500 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।

हालांकि नियम का गलत इस्तेमाल न हो, इसके लिए एक खास शर्त भी रखी गई है। किसी भी व्यक्ति पर जुर्माना तभी लगाया जाएगा जब उसके खिलाफ डिजिटल सबूत मौजूद होगा। यानी अगर किसी के पास मोबाइल वीडियो या ऑडियो रिकॉर्डिंग जैसे प्रमाण होंगे, तभी उस व्यक्ति पर जुर्माना लगाया जाएगा। इस नियम का मकसद गांव में महिलाओं के सम्मान को बढ़ावा देना और लोगों की भाषा को सभ्य बनाना है।

जुर्माने की राशि गांव के विकास में होगी खर्च

सरपंच पुरुषोत्तम लगड़ ने बताया कि इस नियम से वसूली जाने वाली जुर्माने की राशि को ग्राम विकास के कामों में लगाया जाएगा। ग्राम पंचायत ने यह भी कहा है कि चूंकि यह प्रस्ताव महिलाओं की ओर से आया है, इसलिए महिलाएं और उनके परिवार इस नियम को लागू करने में सहयोग करें। अगर कोई व्यक्ति अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करता है, तो उसकी पहचान करने और सबूत देने में गांव के लोग आगे आएंगे। इस तरह यह पहल केवल नियम बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश भी है।

स्वच्छता को लेकर भी लिया गया फैसला

महिला ग्राम सभा में केवल महिलाओं के सम्मान को लेकर ही नहीं बल्कि स्वच्छता को लेकर भी एक महत्वपूर्ण फैसला लिया गया। ग्राम सभा ने प्रस्ताव पारित किया कि गांव में अगर कोई व्यक्ति गंदगी फैलाता है या अपने घर और दुकान के आसपास सफाई नहीं रखता है, तो उस पर 100 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इस नियम को लागू करने के लिए भी फोटो जैसे डिजिटल सबूत की जरूरत होगी। अगर किसी के खिलाफ गंदगी फैलाने का प्रमाण मिलता है, तो उस पर जुर्माना लगाया जाएगा। इसका उद्देश्य गांव को साफ-सुथरा और स्वस्थ बनाना है।

पढ़ाई को बढ़ावा देने के लिए भी नियम

कोलगांव गांव में पहले से ही एक और अनोखा नियम लागू है। गांव के बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करने के लिए एक साल पहले ग्राम पंचायत ने एक प्रस्ताव पास किया था। इसके अनुसार हर दिन शाम 7 बजे से 9 बजे तक गांव के बच्चे मोबाइल फोन और टीवी का इस्तेमाल नहीं करते। इस समय वे केवल पढ़ाई करते हैं। इस नियम का पालन केवल बच्चे ही नहीं बल्कि उनके माता-पिता भी करते हैं। इससे बच्चों की पढ़ाई पर अच्छा असर पड़ा है।

कोलगांव बना मिसाल

करीब 9,000 की आबादी वाला कोलगांव गांव विभिन्न जाति और धर्म के लोगों का घर है। यहां के लोग मुख्य रूप से खेती पर निर्भर हैं। गांव की यह नई पहल अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई है। लोग इसे महिलाओं के सम्मान और सामाजिक सुधार की दिशा में एक सकारात्मक कदम मान रहे हैं। कई सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि अगर दूसरे गांव भी इस तरह के नियम अपनाएं, तो समाज में भाषा और व्यवहार दोनों में सुधार आ सकता है।

 

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आशीष मीणा हिंदी पत्रकार हैं और राष्ट्रीय तथा सामाजिक मुद्दों पर लिखते हैं। उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई की है और वह तथ्यात्मक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग पर ध्यान केंद्रित करते हैं।

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