मध्यप्रदेश के 45 जिलों में बारिश, 17 जिलों में ओले भी गिरे, स्ट्रॉन्ग सिस्टम से फसलें हुई तबाह, मुआवजे की मांग
By Ashish Meena
मार्च 22, 2026
मध्य प्रदेश में पिछले 98 घंटे यानी, 4 दिन से एक्टिव स्ट्रॉन्ग सिस्टम से कुल 45 जिलों में आंधी-बारिश का दौर रहा। इनमें से 17 जिलों में ओले भी गिरे। यह सिस्टम अब आगे बढ़ गया है। ऐसे में बारिश की बजाय तेज गर्मी का अलर्ट है। अगले 4 दिन कहीं भी आंधी-बारिश का अलर्ट नहीं है। आखिरी सप्ताह में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) की वजह से मौसम फिर से बदल सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार, 26 मार्च से नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हो रहा है। इस वजह से उत्तरी व पश्चिमी हिस्से में बूंदाबांदी या बादल छा सकते हैं। इससे पहले शनिवार को कुछ जिलों में मौसम बदला रहा। भोपाल में बादल छाए रहे। इस वजह से दिन के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है।
सबसे कम पचमढ़ी में 25.6 डिग्री रहा। रीवा-दतिया में 28.2 डिग्री, नौगांव-सतना में 28.3 डिग्री, सिवनी में 28.4 डिग्री, टीकमगढ़-सीधी में 28.6 डिग्री, दमोह-उमरिया में 29 डिग्री, श्योपुर में 29.4 डिग्री, मंडला और खजुराहो में पारा 29.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
Also Read – देवास जिले की खातेगांव तहसील में सड़क हादसा, दो बाइकों की आमने-सामने हुई भिड़ंत, 5 लोग घायल, एक की हालत गंभीर
पांच बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 29.4 डिग्री, जबलपुर में 29.5 डिग्री, इंदौर में 30.6 डिग्री, ग्वालियर में 28.4 डिग्री और उज्जैन में 31.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
कई जिलों में फसलों को नुकसान
तेज आंधी की वजह से केला, पपीता और गेहूं की फसलों पर असर पड़ा। ऐसे में अब किसान मुआवजे की मांग उठा रहे हैं। धार, खरगोन समेत कई जिलों में ज्यादा असर रहा।
इन जिलों में बारिश का दौर
मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 4 दिन में इंदौर, धार, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, बुरहानपुर, खंडवा, भोपाल, राजगढ़, विदिशा, रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, ग्वालियर, मऊगंज, श्योपुर, मुरैना, दतिया, अशोकनगर, रतलाम, उज्जैन, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, सागर, दमोह, पन्ना, छतरपुर, कटनी, उमरिया, मैहर, सतना, अनूपपुर, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, पांढुर्णा, मंडला समेत 45 जिलों में आंधी-बारिश का दौर रहा।
वहीं, अलीराजपुर, बड़वानी, विदिशा बैतूल, झाबुआ, खंडवा, आगर-मालवा, छिंदवाड़ा, जबलपुर, सिवनी, छतरपुर, शिवपुरी, रायसेन, सागर, दमोह, पन्ना, मंडला जिलों में ओले गिरे हैं।
फरवरी में 4 बार ओले गिरे, मार्च में तीन बार
इस बार फरवरी में मौसम का मिजाज चार बार बदला। शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर रह चुका है। इससे फसलों को खासा नुकसान हुआ था। इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया था। 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश भीग गया है। 19, 20 और 21 फरवरी को भी असर रहा। फिर चौथी बार 23-24 फरवरी को भी ओले-बारिश का दौर रहा।
मार्च में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो गई। पहले पखवाड़े में तेज गर्मी वाला मौसम रहा। इसी बीच अब मौसम का मिजाज बदल रहा है। मौसम विभाग की माने तो इस सीजन मार्च में पहली बार स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हो गया है। जिसका असर चार दिन तक बना रहेगा। इसकी वजह से लगातार तीन दिन तक ओले गिर चुके हैं।
मार्च के दूसरे सप्ताह में गर्मी का ट्रेंड
प्रदेश में मार्च के दूसरे पखवाड़े में तेज गर्मी का ट्रेंड है। पिछले 10 साल में 15 मार्च के बाद ही तेज गर्मी पड़ी है, लेकिन इस बार ट्रेंड बदल गया है। दूसरे पखवाड़े की बजाय शुरुआत में ही पारे में उछाल आया है। वहीं, दूसरे पखवाड़े में ओले-बारिश का दौर रहा। अब आखिरी दिनों में गर्मी का असर बना रहेगा।
अप्रैल-मई सबसे ज्यादा गर्म रहेंगे
मौसम विभाग ने इस साल अप्रैल और मई में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ने का अनुमान जताया है। इन दो महीने के अंदर ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में पारा 45 डिग्री के पार पहुंच सकता है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग भी गर्म रहेंगे।
