कर्मचारियों के लिए खुशखबरी! MP में DA बढ़ा, 6940 करोड़ के विकास कार्य मंजूर
By Ashish Meena
मार्च 24, 2026
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 23 मार्च को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए गए, जो सीधे आम जनता, कर्मचारियों और किसानों के जीवन को प्रभावित करने वाले हैं। इस बैठक में विकास, तकनीक, शिक्षा और सामाजिक योजनाओं को लेकर बड़े ऐलान किए गए हैं।
राज्य सरकार ने इस बैठक में करीब 6,940 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को मंजूरी दी है। इसके साथ ही सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी, पेंशनर्स को राहत और युवाओं के लिए नई योजनाओं की घोषणा भी की गई है। यह फैसले राज्य के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम माने जा रहे हैं।
सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत, बढ़ा महंगाई भत्ता
कैबिनेट के सबसे अहम फैसलों में से एक सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। अब कर्मचारियों को 58 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता मिलेगा, जो 1 जुलाई 2025 से लागू माना जाएगा।
इस बढ़ोतरी का सीधा फायदा लाखों सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा। साथ ही, 1 जुलाई 2025 से 31 मार्च 2026 तक का एरियर भी दिया जाएगा, जिसे छह किस्तों में बांटा गया है। मई से अक्टूबर तक हर महीने एक-एक किस्त दी जाएगी। यह फैसला कर्मचारियों के लिए आर्थिक राहत लेकर आया है, खासकर ऐसे समय में जब महंगाई लगातार बढ़ रही है।
पेंशनर्स को भी मिला फायदा, बढ़ी महंगाई राहत
सरकार ने पेंशनभोगियों को भी राहत देते हुए उनकी महंगाई राहत (DR) में बढ़ोतरी की है। अब सातवें वेतनमान के तहत 58 प्रतिशत और छठवें वेतनमान के तहत 257 प्रतिशत राहत दी जाएगी। यह फैसला उन लाखों बुजुर्गों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, जो पेंशन पर निर्भर हैं। इससे उनकी मासिक आय में बढ़ोतरी होगी और जीवनयापन थोड़ा आसान होगा। सरकार का यह कदम सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक अहम प्रयास माना जा रहा है।
6,940 करोड़ के विकास कार्यों को मिली मंजूरी
कैबिनेट बैठक में राज्यभर में विभिन्न विभागों के तहत चल रही और नई विकास परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। कुल मिलाकर 6,940 करोड़ रुपये के निर्माण और विकास कार्यों को स्वीकृति दी गई है।
इनमें सड़क, आवास, सरकारी भवन, आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्रामीण विकास से जुड़ी कई योजनाएं शामिल हैं। लोक निर्माण विभाग के तहत मंत्रालय भवन, विधानसभा और अन्य निर्माण कार्यों के लिए सैकड़ों करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इसके अलावा खाद्य विभाग, जनजातीय कार्य विभाग और अन्य योजनाओं के लिए भी बड़ी राशि स्वीकृत की गई है, जिससे राज्य के अलग-अलग हिस्सों में विकास की गति तेज होगी।
रीवा में सिंचाई परियोजना से किसानों को मिलेगा फायदा
रीवा जिले में महाना माइक्रो सिंचाई परियोजना को भी मंजूरी दी गई है, जिसकी लागत करीब 82 करोड़ रुपये है। इस परियोजना से 4500 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई की सुविधा मिलेगी और लगभग 950 किसान परिवार लाभान्वित होंगे। इस तरह की परियोजनाएं किसानों के लिए बहुत जरूरी हैं, क्योंकि इससे खेती की उत्पादकता बढ़ती है और किसानों की आय में भी सुधार होता है। राज्य सरकार का यह कदम कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
युवाओं के लिए ‘शौर्य संकल्प योजना’ का ऐलान
कैबिनेट बैठक में युवाओं के लिए भी एक खास योजना की घोषणा की गई है। ‘शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना’ के तहत अन्य पिछड़ा वर्ग के युवाओं को सेना, पुलिस और सुरक्षा बलों में भर्ती के लिए तैयार किया जाएगा। हर साल 4000 युवाओं को इस योजना के तहत प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही प्रशिक्षण के दौरान उन्हें छात्रवृत्ति भी दी जाएगी, जिससे उनकी आर्थिक मदद हो सके। इस योजना का उद्देश्य युवाओं को रोजगार के अवसर देना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
अतिथि शिक्षकों के लिए भी अच्छी खबर
कैबिनेट ने अतिथि शिक्षकों के मानदेय को बढ़ाने का भी फैसला लिया है। अब उन्हें प्रतिमाह 18 हजार रुपये मानदेय दिया जाएगा। यह फैसला उन शिक्षकों के लिए बड़ी राहत है, जो लंबे समय से कम वेतन में काम कर रहे थे। इससे शिक्षा व्यवस्था में भी सुधार आने की उम्मीद है।
आंगनवाड़ी बच्चों के लिए पोषण आहार में वृद्धि
सरकार ने आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों के पोषण पर भी ध्यान दिया है। अति कम वजन वाले बच्चों के लिए मिलने वाली राशि को 8 रुपये से बढ़ाकर 12 रुपये कर दिया गया है। यह फैसला बच्चों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए अहम कदम माना जा रहा है।
स्टेट एआई मिशन से बदलेगा प्रशासन का ढांचा
कैबिनेट बैठक में एक और बड़ा ऐलान किया गया है, जो भविष्य से जुड़ा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि जल्द ही मध्य प्रदेश में ‘स्टेट एआई मिशन’ शुरू किया जाएगा। इस मिशन के तहत कृषि, स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग किया जाएगा। इससे जोखिमों की पहले ही पहचान की जा सकेगी और बेहतर फैसले लिए जा सकेंगे। यह पहल राज्य को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
