मोदी सरकार ने किसानों को दिया बड़ा तोहफा, कैबिनेट ने इस मिशन को दी मंजूरी, न्याय व्यवस्था को मजबूत करने पर भी जोर

By Ashish Meena
मई 5, 2026

केंद्रीय कैबिनेट ने कपास उत्पादन बढ़ाने के लिए कपास कांति मिशन को मंजूरी दे दी है. इस मिशन पर ₹5,659 करोड़ खर्च किए जाएंगे और इसे 2026-27 से 2030-31 तक लागू किया जाएगा. भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा कपास उत्पादक है और देश में करीब 32 लाख किसान इससे जुड़े हैं. सरकार का लक्ष्य रिसर्च, नई तकनीक और नए फाइबर के जरिए उत्पादन बढ़ाना है, ताकि 2030-31 तक बढ़ती घरेलू मांग (450 लाख बेल) को पूरा किया जा सके.

गन्ना किसानों के लिए बड़ा फैसला

कैबिनेट ने 2026-27 सीजन के लिए गन्ने का FRP (न्यूनतम समर्थन मूल्य जैसा बेस प्राइस) तय किया है, जिसका कुल असर करीब ₹1 लाख करोड़ का बताया जा रहा है. इससे देशभर के गन्ना किसानों को सीधा फायदा मिलेगा.

MSME सेक्टर को राहत

सरकार ने Emergency Credit Line Guarantee Scheme (ECLGS) 5 को आगे बढ़ाने का फैसला किया है. इस पर ₹18,100 करोड़ खर्च होंगे. इसका मकसद छोटे और मध्यम उद्योगों (MSME) को सस्ती और आसान लोन सुविधा देकर कारोबार को मजबूत करना है.

इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़ा निवेश

कैबिनेट ने गुजरात के वडिनार में ₹1,570 करोड़ की लागत से जहाज मरम्मत सुविधा (शिप रिपेयर हब) को मंजूरी दी है. इससे समुद्री कारोबार और रोजगार के मौके बढ़ेंगे. रेलवे सेक्टर में भी बड़े प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी मिली है.

नागदामथुरा लाइन (₹16,403 करोड़)
गुंटकलवाड़ी लाइन (₹4,758 करोड़)
बुरहवालसीतापुर लाइन (₹2,276 करोड़)
इन लाइनों पर तीसरी और चौथी ट्रैक बिछाने से ट्रैफिक कम होगा और ट्रेनों की स्पीड बढ़ेगी.

सेमीकंडक्टर सेक्टर को बढ़ावा

देश में चिप मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने के लिए दो नई यूनिट्स को मंजूरी दी गई है. क्रिस्टल मैट्रिक्स लिमिटेड (₹3,068 करोड़), सूची सेमीकॉन प्रा. लि. (₹868 करोड़) और इससे भारत की टेक्नोलॉजी आत्मनिर्भरता को मजबूती मिलेगीण्

न्याय व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर

कैबिनेट ने सुप्रीम कोर्ट को और मजबूत करने के लिए भी नीति स्तर पर अहम फैसला लिया है, जिससे न्याय प्रक्रिया को और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी. कुल मिलाकर इन फैसलों से साफ है कि सरकार खेती, उद्योग, इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी चारों मोर्चों पर एक साथ काम कर रही है. खासकर कपास क्रांति मिशन जैसे कदम से किसानों की आमदनी बढ़ाने और टेक्सटाइल सेक्टर को मजबूत करने पर जोर दिया गया है.

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आशीष मीणा हिंदी पत्रकार हैं और राष्ट्रीय तथा सामाजिक मुद्दों पर लिखते हैं। उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई की है और वह तथ्यात्मक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग पर ध्यान केंद्रित करते हैं।

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