पहले कोरोना, फिर युद्ध, अब ऊर्जा संकट, जंग खत्म नहीं हुई तो भयावह होंगे हालात…PM मोदी ने चेताया, कहा- हालात नहीं बदले तो गरीबी के दलदल में फंसेंगे
By Ashish Meena
मई 16, 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नीदरलैंड दौरे पर हैं। उन्होंने द हेग में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए दुनिया के मौजूदा हालात पर चिंता जताई। मोदी ने कहा कि आज मानवता के सामने कई बड़ी चुनौतियां हैं। ये दशक आपदाओं का दशक बन गया है। दुनिया पहले कोरोना, फिर युद्ध और अब ऊर्जा संकट से जूझ रही है। अगर हालात नहीं बदले तो बीते कई दशकों के काम पर पानी फिर जाएगा और दुनिया की बहुत बड़ी आबादी गरीबी के दलदल में फंस जाएगी।
PM मोदी ने कहा कि ऐसी वैश्विक परिस्थितियों में आज दुनिया रेजिलिएंट सप्लाई चेन की बात कर रही है, तब भारत और नीदरलैंड मिलकर एक भरोसेमंद, पारदर्शी और भविष्य के लिए तैयार सप्लाई चेन बनाने में जुटे हैं. PM मोदी ने कहा है कि आज भारत बहुत तेजी से बदल रहा है. भारत के लोगों के सपने और उम्मीदें अब बहुत बड़ी हो गई हैं. इसलिए देश भी तेजी से आगे बढ़ रहा है. मोदी ने कहा कि भारत की यही सोच देश के लोकतंत्र को और मजबूत बना रही है.
5 देशों के दौरे पर हैं PM मोदी
प्रधानमंत्री मोदी 15 मई 2026 को अपने पांच देशों के दौरे के दूसरे चरण में नीदरलैंड हुंचे. यहां वह नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रोब जेट्टेन से मुलाकात करेंगे. दोनों देशों के बीच व्यापार, तकनीक, रक्षा और ग्रीन एनर्जी जैसे मुद्दों पर बातचीत होगी. नीदरलैंड पहुंचने पर मोदी का एयरपोर्ट पर खास स्वागत किया गया. उनका स्वागत नीदरलैंड के विदेश मंत्री टॉम बेरेन्डसेन, रियर एडमिरल लुडगर ब्रुम्मेलार और नीदरलैंड में भारत के राजदूत कुमार तुहिन ने किया.
6 साल पहले नीदरलैंड गए थे PM मोदी
यह प्रधानमंत्री मोदी की दूसरी नीदरलैंड यात्रा है. इससे पहले वह 2017 में वहां गए थे. अधिकारियों का कहना है कि यह दौरा दोनों देशों के रिश्तों के लिए बहुत अहम माना जा रहा है. विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत और नीदरलैंड के रिश्ते पिछले कुछ सालों में काफी मजबूत हुए हैं. पहले दोनों देश मुख्य रूप से व्यापार, निवेश, पानी, खेती और स्वास्थ्य के क्षेत्र में साथ काम करते थे. अब दोनों देशों के बीच तकनीक, इनोवेशन, सेमीकंडक्टर, रक्षा, सुरक्षा, शिक्षा और रिन्युएबल एनर्जी जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ रहा है.
