अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: आरोपी अविनाश के घर मिला मंदिर का संदूक, 400 सुरक्षाकर्मी भी जांच के घेरे में

By Ashish Meena
जुलाई 1, 2026

मालवा जंक्शन, अयोध्या।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस ने बुधवार को आरोपी लवकुश मिश्रा और अनुकल्प मिश्रा के घर छापेमारी की है। दस्तावेजों को खंगाला जा रहा है। इससे पहले जेल में बंद आरोपी अविनाश शुक्ला के अयोध्या स्थित योग केंद्र से पुलिस ने एक संदूक बरामद किया है। उस पर लाल रंग से ‘रामराज्य कोष’ लिखा था। पेटीएम का QR कोड लगा था। 28 जून को हुई पुलिस की छापेमारी का वीडियो बुधवार सुबह सामने आया।

इस बीच, राम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास महाराज की तबीयत बिगड़ गई है। उन्हें लखनऊ मेदांता में भर्ती कराया गया है। हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ. राकेश कपूर ने बताया- महंत को 29 जून यानी सोमवार को लाया गया था। उन्हें सांस लेने में तकलीफ और यूरिन इन्फेक्शन था।

मंगलवार को पुलिस ने फैजाबाद जेल में बंद सभी आठों आरोपियों से पूछताछ की। सबसे लंबी पूछताछ अविनाश से हुई। दो घंटे चली पूछताछ में 5 जून को अविनाश के घर से बरामद कैश और गहनों को लेकर सवाल-जवाब किए गए। अविनाश के घर से 14 लाख कैश मिला था। चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही SIT को सरकार ने 15 दिन का समय और दिया है। सूत्रों के मुताबिक, चढ़ावा चोरी की जांच का दायरा बढ़ाने के लिए ईडी को भी शामिल किया जा सकता है। अयोध्या पुलिस ने लखनऊ में ऑफिसर्स से इसका आग्रह किया है।

400 निजी सुरक्षाकर्मी भी जांच के घेरे में

राम मंदिर परिसर में तैनात 400 निजी सुरक्षाकर्मी भी जांच के घेरे में हैं। उनकी ड्यूटी, रोस्टर, CCTV, एंट्री-एग्जिट रिकॉर्ड की पड़ताल की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, मंदिर की सुरक्षा का जिम्मा जिस निजी सुरक्षा कंपनी के पास था, वह बिहार के पूर्व सांसद की है। ट्रस्ट इस पर हर महीने 1 करोड़ खर्च करता था। यानी निजी सुरक्षा पर सालाना 12 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे थे।

चंपत राय से 3 घंटे पूछताछ, 17 साल से तैनात RMO का ट्रांसफर

चंपत राय से रविवार को पुलिस ने करीब 3 घंटे पूछताछ की थी। पूछा कि उन्हें चढ़ावा चोरी का पता पहली बार कब और कैसे लगा। उसके बाद क्या-क्या किया। इससे पहले, कोर्ट ने सोमवार को चढ़ावा चोरी में गिरफ्तार 8 आरोपियों की न्यायिक हिरासत 14 दिन बढ़ा दी।

राम मंदिर में पिछले 17 साल से तैनात रेडियो ऑपरेशन अधिकारी (RMO) अर्जुन देव का तबादला गोरखपुर कर दिया गया। SIT ने उनकी भूमिका को भी जांच के दायरे में लिया है। चढ़ावे की गिनती वाले काउंटिंग रूम के CCTV समेत राम मंदिर परिसर में लगे 1600 कैमरों की निगरानी की जिम्मेदारी उनके पास थी।

चोरी का मामला पहली बार 7 जून को सामने आया था। यूपी सरकार ने 13 जून को SIT बनाई। 25 जून को FIR हुई। रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इसी दिन मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया।

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आशीष मीणा हिंदी पत्रकार हैं और राष्ट्रीय तथा सामाजिक मुद्दों पर लिखते हैं। उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई की है और वह तथ्यात्मक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग पर ध्यान केंद्रित करते हैं।

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