MP सरकार पर बढ़ा कर्ज का बोझ: सितंबर में तीसरी बार लिया ₹1,500 करोड़ का लोन; एक महीने में लिए कुल ₹7,600 करोड़
By Ashish Meena
सितम्बर 29, 2026
मध्य प्रदेश सरकार अपनी वित्तीय जरूरतों और विकास कार्यों को पूरा करने के लिए एक बार फिर कर्ज लेने जा रही है। सितंबर महीने में ही राज्य सरकार तीसरी बार बाजार से कर्ज जुटा रही है। इस बार सरकार दो किस्तों में कुल ₹1,500 करोड़ का लोन लेगी, जिसके तहत ₹800 करोड़ 18 साल की अवधि के लिए और ₹700 करोड़ 30 साल की लंबी अवधि के लिए लिए जा रहे हैं।
इसके साथ ही अकेले सितंबर माह में ही प्रदेश सरकार द्वारा लिया गया कुल कर्ज ₹7,600 करोड़ के स्तर पर पहुंच गया है।
अलग-अलग समय अवधि के लिए लिया कर्ज
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के माध्यम से जुटाए जा रहे इस लोन की शर्तें और अवधि इस प्रकार हैं:
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₹800 करोड़: 18 वर्षों के लिए (पुनर्भुगतान अवधि 2044)
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₹700 करोड़: 30 वर्षों के लिए (पुनर्भुगतान अवधि 2056)
इससे पहले सरकार ने इसी महीने दो किस्तों में ₹6,100 करोड़ का कर्ज लिया था। अब इस नए ₹1,500 करोड़ के लोन के बाद इस महीने का कुल आंकड़ा ₹7,600 करोड़ हो गया है।
विकास कार्यों और बजट प्रतिबद्धताओं को पूरा करने की कवायद
राज्य सरकार का कहना है कि यह राशि इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और जारी विकास परियोजनाओं को गति देने के लिए जुटाई जा रही है।
हालांकि, बार-बार कर्ज लेने की प्रक्रिया को लेकर विपक्ष सरकार की वित्तीय स्थिति पर सवाल उठा रहा है, वहीं वित्त विभाग का मानना है कि लोन लेने की सीमा और प्रक्रिया पूरी तरह से आरबीआई तथा एफआरबीएम (FRBM) एक्ट के तय मापदंडों के भीतर ही है।
