बाबा को प्रसिद्ध करने के लिए विराट कोहली को 5 करोड़ में बुलाया…प्रेमानंद महाराज के आश्रम पर बड़ा खुलासा
By Ashish Meena
अक्टूबर 5, 2026
संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद श्री हित राधा केलीकुंज आश्रम लगातार सुर्खियों में बना हुआ है. संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम केलीकुंज को लेकर श्री कृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष फलाहारी महाराज ने बड़ा खुलासा किया है. फलाहारी महाराज ने पत्र लिखकर प्रेमानंद बाबा को गोवर्धन गिरिराज जी में रहने की अपील की.
फलाहारी महाराज ने पत्र में दावा किया कि विराट कोहली को 5 करोड़ रुपये में बुलाकर प्रेमानंद बाबा को प्रसिद्ध करने की बात कहने वाले दूसरे गुट पर लगाए आरोप. उन्होंने कहा कि राजस्थान की कंपनी है जो विराट कोहली को 5 करोड़ में लेकर आई थी और अब उस कंपनी के लोग संत बनकर आश्रम में घुस चुके है और अब वो प्रॉपर्टी का काम कर रहे है.
‘प्रेमानंद महाराज के नाम को बदनाम कर रहे माफिया’
फलाहारी महाराज ने प्रेमानंद महाराज को भोजन त्यागकर तपस्या करने वाला संत बताया है लेकिन ये भी कहा कि कथित माफिया तत्वों से दूरी बनाए रखने की की जरूरत है. फलाहारी महाराज ने कहा कि “मैं संत प्रेमानंद महाराज को अपनी किडनी देने को तैयार हूं, क्योंकि उनकी जरूरत है सनातन और हिंदू धर्म को. लेकिन कुछ माफिया उनके नाम को बदनाम कर रहे है.” उन्होंने प्रेमानंद महाराज को गोवर्धन गिरिराज जी बुलाने की मांग की है.
पत्र में दावा- वृंदावन में सक्रिय हैं भू-माफिया
पत्र में न्यू बेलवन आश्रम के आसपास यमुना डूब क्षेत्र की जमीन की खरीद-फरोख्त को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए. अधिकारियों की कथित सांठगांठ से यमुना खादर की जमीन बेचने के आरोप, भूमाफिया के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है. पत्र में दावा किया कि वृंदावन में भू-माफिया सक्रिय, साथ ही किडनी चोरी और गुमशुदा बच्चों से जुड़े बेहद गंभीर आरोप भी लगाए गए. फलाहारी महाराज ने पूरे मामले में सीबीआई जांच की मांग की.
फलाहारी महाराज ने संत प्रेमानंद महाराज को विश्वभर के सनातनियों के लिए पूज्य संत बताते हुए उनकी सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है. उन्होंने सरकार से प्रेमानंद महाराज को जेड प्लस सुरक्षा देने की अपील की है. पत्र में यह भी आरोप लगाया गया कि साधु के वेश में भी कथित माफिया तत्व सक्रिय हैं और प्रेमानंद महाराज की आड़ में अधिकारियों से कथित सांठगांठ कर यमुना डूब क्षेत्र की जमीन बेची गई.
