देवास जिले के इस गांव में पेयजल संकट गहराया, सूखे बोर और खाली नलों से परेशान ग्रामीण पहुंचे कलेक्ट्रेट, नर्मदा जल से जोड़ने की मांग
By Ashish Meena
अक्टूबर 30, 2026
देवास जिले के भमोरी गांव में पेयजल संकट ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। गांव में नल-जल योजना के तहत पानी की टंकी तो बनाई गई है, लेकिन घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा। गांव के तीनों बोर सूख चुके हैं। ऐसे में ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए रोजाना जद्दोजहद करनी पड़ रही है। महिलाएं 1 से 2 किलोमीटर दूर स्थित कुओं से पानी लाने को मजबूर हैं, वहीं कई परिवार अपनी जेब से पैसे खर्च कर टैंकर मंगवा रहे हैं।
पेयजल समस्या के स्थायी समाधान की मांग को लेकर शुक्रवार को बड़ी संख्या में महिला और पुरुष कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां उन्होंने नर्मदा जल की मांग करते हुए प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के स्थानीय जलस्रोत सूख चुके हैं, ऐसे में नर्मदा का पानी ही पेयजल संकट का स्थायी समाधान हो सकता है।
पानी के इंतजाम में रोजाना गुजर रहे कई घंटे
ग्रामीणों के मुताबिक, घरों के लिए पानी जुटाने में महिलाओं का रोजाना कई घंटे समय खर्च हो रहा है। मजदूरी करने वाले परिवारों को भी पानी की व्यवस्था के लिए अपना काम छोड़ना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि दिसंबर आते-आते बोरिंग में बचा हुआ पानी भी खत्म होने लगता है, जिससे परेशानी और बढ़ जाती है।
चापड़ा-करनावद पाइपलाइन से जोड़ने की मांग
ग्रामीणों ने मांग की है कि चापड़ा से करनावद तक बिछाई जा रही नर्मदा पाइपलाइन से भमोरी गांव को भी जोड़ा जाए। उनका कहना है कि इससे गांव में नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी और हर साल गर्मी तथा दिसंबर के आसपास होने वाले जल संकट से राहत मिलेगी।
‘सूखे कंठ को पानी दो’ के लगाए नारे
कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीणों ने ‘सूखे कंठ को पानी दो’ और ‘नर्मदा का जल गांव में दो’ जैसे नारे लगाकर अपनी मांग उठाई। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पेयजल की समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द भमोरी गांव को नर्मदा पाइपलाइन से जोड़ने की दिशा में कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
