जेल में बंद कर्मचारी ट्रेनिंग लिस्ट में निकला ड्यूटी पर, सीहोर में रिकॉर्ड ने खोली सिस्टम की पोल

By Ashish Meena
सितम्बर 12, 2026

सीहोर में फर्जी मेडिकल डिग्री रैकेट के मामले में गिरफ्तार और निलंबित रेडियोग्राफर हीरा सिंह कौशल का नाम स्वास्थ्य विभाग की प्रशिक्षण सूची में शामिल होने का मामला सामने आया है। सीएमएचओ कार्यालय से जारी सूची में हीरा सिंह को रेडियोग्राफर बताते हुए बिलकिसगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ दिखाया गया है, जबकि पुलिस कार्रवाई के बाद विभाग उसे निलंबित कर चुका है और वह फिलहाल जेल में है।

फर्जी डिग्री मामले में गिरफ्तार है हीरा सिंह

हीरा सिंह कौशल बिलकिसगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रेडियोग्राफर के पद पर पदस्थ था। उस पर फर्जी मेडिकल डिग्रियां तैयार करने और सरकारी नौकरियों में फर्जीवाड़े से जुड़े आरोप हैं। दमोह पुलिस की जांच में सामने आया है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संजीवनी क्लीनिक में कथित फर्जी डिग्रियों के आधार पर लोगों को डॉक्टर की नौकरी दिलाने का मामला सामने आया था।

जांच के दौरान एक दर्जन से ज्यादा कथित फर्जी डॉक्टरों के नाम सामने आने की बात कही जा रही है। वहीं मेडिकल काउंसिल के रजिस्ट्रार कार्यालय में भी हीरा सिंह के रजिस्ट्रेशन से संबंधित कोई रिकॉर्ड नहीं मिलने की जानकारी सामने आई है।

निलंबन के बाद भी प्रशिक्षण सूची में नाम

पुलिस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग ने हीरा सिंह को निलंबित कर दिया था। इसके बावजूद सीएमएचओ कार्यालय से जारी प्रशिक्षण सूची में उसका नाम शामिल है और उसे बिलकिसगंज में पदस्थ बताया गया है।

इससे विभाग के रिकॉर्ड अपडेट करने की प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रशिक्षण सूची तैयार करते समय कर्मचारियों की वर्तमान पदस्थापना और सेवा स्थिति की जानकारी अपडेट की गई थी या नहीं, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।

रिकॉर्ड में अपडेट नहीं हुई कर्मचारी की स्थिति?

हीरा सिंह के निलंबन और गिरफ्तारी की जानकारी विभाग के संबंधित अधिकारियों तक पहुंची थी या नहीं, यह भी जांच का विषय है। यदि जानकारी उपलब्ध थी तो प्रशिक्षण सूची में उसका नाम और पदस्थापना क्यों दर्ज रही, इसे लेकर विभाग से जवाब की जरूरत है।

बिलकिसगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहले भी अलग-अलग मामलों को लेकर चर्चा में रहा है। ऐसे में फर्जी डिग्री मामले में गिरफ्तार कर्मचारी का नाम विभाग की प्रशिक्षण सूची में शामिल होना सामने आने के बाद अब रिकॉर्ड अपडेट और निगरानी व्यवस्था को लेकर विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। मामले में जिम्मेदारी तय होती है या इसे रिकॉर्ड अपडेट की सामान्य गलती माना जाता है, यह विभाग की जांच के बाद स्पष्ट होगा।

आगे ये भी पढ़ें :
Ashish Meena

Ashish Meena

ashish-meena

आशीष मीणा हिंदी पत्रकार हैं और राष्ट्रीय तथा सामाजिक मुद्दों पर लिखते हैं। उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई की है और वह तथ्यात्मक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग पर ध्यान केंद्रित करते हैं।