मध्यप्रदेश में 4 दिन बारिश नहीं, निकलेगी तेज धूप, उज्जैन-ग्वालियर से हुई मानसून की विदाई
By Ashish Meena
सितम्बर 29, 2026
मालवा जंक्शन, भोपाल।
मध्य प्रदेश में अब तेज बारिश का दौर थमने वाला है। मौसम केंद्र के अनुसार, अगले 4 दिन तक प्रदेश में कोई मानसूनी सिस्टम एक्टिव नहीं है। इसके चलते कई हिस्सों में तीखी धूप खिलने का अनुमान है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर संभाग में इसका असर ज्यादा रहेगा।
इधर, बुधवार-गुरुवार से प्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई शुरू होने के आसार हैं। वर्तमान में राजस्थान और पंजाब के कई जिलों से मानसून लौट चुका है। मानसून की वापसी की रेखा मध्य प्रदेश के पश्चिमी हिस्से तक पहुंच गई है। ऐसे में सबसे पहले उज्जैन और ग्वालियर संभाग से मानसून की विदाई होने के संकेत हैं।
आज 4 जिलों में धूप, बाकी में बादल-बूंदाबांदी
मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को बड़वानी, खरगोन, खंडवा और बुरहानपुर में तेज धूप खिलने का अनुमान है। बाकी जिलों में बादल छाए रहने और बूंदाबांदी के आसार हैं। बुधवार को प्रदेश के आधे हिस्से में तीखी धूप रहेगी। 2 अक्टूबर तक अधिकांश हिस्सों में धूप खिलने का अनुमान है।
मानसून की विदाई में 2 दिन बाकी
मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून का सामान्य पीरियड 1 जून से 30 सितंबर तक रहता है। यानी, मानसून की विदाई में अब दो दिन ही बाकी हैं। इसके बाद प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से मानसून की वापसी शुरू होने लगेगी।
प्रदेश के पूर्वी हिस्से- जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में आंकड़ा चार प्रतिशत ज्यादा है। अधिकांश जिलों में कोटे से ज्यादा पानी गिर चुका है, लेकिन बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर, सिवनी में 2% से 20% तक कम बारिश हुई है।
वहीं, पश्चिमी हिस्से के आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 9% से 51% कम पानी गिरा है।
इन 23 जिलों में ज्यादा बारिश
IMD की माने तो अनूपपुर, छतरपुर, डिंडौरी, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में ही औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई। प्रदेश में अबकी बार सामान्य की 100 प्रतिशत बारिश होने की उम्मीद कम है।
मौसम विभाग के अनुसार, जून में 14% कम बारिश हुई थी। जुलाई की शुरुआती दिनों में तेज बारिश होने से यह बढ़ गया। इसके बाद मानसून दो बार ब्रेक हुआ और कई दिन तक बारिश नहीं हुई। आखिरी सप्ताह में फिर से स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हो गया। बावजूद इसके 13 प्रतिशत कम बारिश हुई है। हालांकि, जुलाई और फिर अगस्त का भी फुल हो गया, लेकिन जून की भरपाई नहीं हो पाई। यही वजह से अब तक भी प्रदेश में 4 प्रतिशत कम पानी गिरा है।
