मिडिल-ईस्ट जंग का असर! सूरत में रेलवे स्टेशन पर घर लौटने वालों का सैलाब, कंपनियों में लगे ताले, हाथों में बैग और सिर पर मजबूरी का बोझ

By Ashish Meena
अप्रैल 19, 2026

नई दिल्ली: मिडिल-ईस्ट जंग और एलपीजी संकट का असर भारत के अलग-अलग इलाकों में देखने को मिल रहा है. कंपनियों की बिल्डिंग पर ताले लगने शुरू हो गए हैं और दूर-दराज के मजदूरों को पलायन करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है. सूरत में उधना रेलवे स्टेशन (Railway Station) पर रविवार को यात्रियों का रेला उमड़ पड़ा. यूपी-बिहार जाने वाली ट्रेनों में सीट हासिल करने के लिए हजारों लोग स्टेशन पहुंचे. इस दौरान लाठीचार्ज के बाद भगदड़ जैसे हालात देखने को मिले.

सुबह करीब 11:30 बजे जब उधना-हसनपुर ट्रेन के लिए यात्रियों को कतारों में खड़ा किया जा रहा था, तभी कुछ लोगों ने लाइन तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की. स्थिति बिगड़ते देख पुलिस और आरपीएफ के जवानों को भीड़ को कंट्रोल करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में यात्री पुलिस की डंडेबाजी से बचने के लिए लोहे की जालियों के ऊपर से कूदते दिखाई दे रहे हैं.

रेलवे अधिकारी अनुभव सक्सेना के मुताबिक, दोपहर तक 6 ट्रेनों के जरिए 21,000 से ज्यादा यात्री रवाना किए जा चुके थे, लेकिन भीड़ इतनी ज्यादा थी कि व्यवस्था बनाए रखना मुश्किल हो गया. यात्रियों से बार-बार कतार में चलने की अपील की गई, लेकिन अव्यवस्था के कारण पुलिस को सख्त कदम उठाने पड़े.

एलपीजी क्राइसिस और पलायन का असर

स्टेशन पर उमड़ी इस भारी भीड़ के पीछे केवल समर वेकेशन भी एक वजह है लेकिन पिछले एक-दो महीने से एलपीजी क्राइसिस के चलते कामगारों का पलायन जारी है. समर सीजन की छुट्टियों और एलपीजी संकट के चलते यात्रियों की संख्या दोगुनी हो गई है, जिससे रेलवे की तमाम व्यवस्थाएं बौनी साबित हो रही हैं.

रेलवे अधिकारी अनुभव सक्सेना ने कहते हैं, “समर सीजन चल रहा है और यात्रियों के लिए हमने स्पेशल ट्रेनें भी चलाई हैं. आज अभी तक 6 ट्रेनें चलाई जा चुकी हैं. पहली ट्रेन रात के 1:30 बजे उधना से जयनगर गई थी. उसके बाद 5:30 बजे एक ट्रेन उधना से मधुबनी के लिए गई हुई है. यात्रियों की संख्या की हम लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं और रेलवे ने पूरी व्यवस्था की हुई है.

सोशल मीडिया पर वायरल हो वीडियो और यात्रियों पर लाठीचार्ज के सवाल का जवाब देते हुए रेलवे अधिकारी ने बताया, “यात्रियों को स्टेशन तक लाया जा रहा था, उसी वक्त कुछ लोगों ने लाइन तोड़ने की कोशिश की. लोगों से अपील की गई कि व्यवस्था बनाए रखें रेलवे पूरी तरह से मुस्तैद है. लेकिन लाइन तोड़कर निकलने गए, जिसके बाद लाठीचार्ज किया गया. हमारा काम व्यवस्था बनाए रखना है.”

यह कोई पहली बार नहीं है, जब रेलवे स्टेशन पर भीड़ उमड़ते देखा गया लेकिन इस बार एलपीजी क्राइसिस की वजह से भी लोग पलायन कर रहे हैं. पिछले एक-दो महीने से यात्री यहां से पलायन कर रहे हैं और अब समर वैकेशन भी शुरू हुआ है. ऐसे में भीड़ इकट्ठा होने के पीछे दो वजहें हैं. रेलवे के अपने दावे हैं लेकिन जो तस्वीरें सामने आई हैं, वो साफ दिखाती है कि उधना रेलवे स्टेशन पर लगातार यात्रियों की भीड़ बढ़ती जा रही है और पुलिस को बल का प्रयोग करना पड़ रहा है.

गैस संकट से सूरत की वीविंग इंडस्ट्री पर बड़ा असर

गैस किल्लत से सूरत की टेक्सटाइल इंडस्ट्री को बड़ा झटका लगा है. करीब 30% यानी 3 लाख मजदूर पलायन कर चुके हैं, जिससे उत्पादन घटकर 6.5 करोड़ मीटर से 4.5 करोड़ मीटर रोजाना रह गया. इंडस्ट्री को 15,000 गैस सिलेंडर की जरूरत है, लेकिन सप्लाई धीमी है. हालात नहीं सुधरे तो और मजदूरों के जाने और नुकसान बढ़ने का खतरा बना हुआ है.

आगे ये भी पढ़ें :
Ashish Meena

Ashish Meena

ashish-meena

आशीष मीणा हिंदी पत्रकार हैं और राष्ट्रीय तथा सामाजिक मुद्दों पर लिखते हैं। उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई की है और वह तथ्यात्मक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग पर ध्यान केंद्रित करते हैं।

»