किसान आंदोलन के आगे झुकी मोहन सरकार, अब 60% मूंग की होगी खरीदी, ई-टोकन व्यवस्था फिलहाल स्थगित
By Ashish Meena
जुलाई 30, 2026
मालवा जंक्शन, भोपाल।
किसानों की मांग और व्यावहारिक परेशानियों को देखते हुए सरकार ने किसान प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद ग्रीष्मकालीन मूंग की खरीदी को लेकर बड़ा निर्णय लिया है। अब पात्र किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 25 के स्थान पर 60 प्रतिशत मूंग खरीदी जाएगी। उपार्जन के लिए स्लॉट बुकिंग 30 जुलाई के स्थान पर दस दिन बढ़ाकर 10 अगस्त, खरीदी की अंतिम तिथि 10 से बढ़ाकर 20 अगस्त तक करने का निर्णय लिया है।
खाद वितरण की ई-टोकन व्यवस्था को फिलहाल स्थगित किया गया है। पूरी व्यवस्था की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित की गई है। किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना, सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग और ओबीसी कल्याण मंत्री कृष्णा गौर सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
मूंग खरीदी की लिमिट बढ़ाई
कृषि मंत्री कंषाना ने किसान प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद बताया कि भारत सरकार की प्राइस सपोर्ट स्कीम योजना के तहत कुल उत्पादन का अधिकतम 25 प्रतिशत ही समर्थन मूल्य पर खरीदे जाने का प्रविधान है। इसी आधार पर पहले प्रत्येक पात्र किसान से उसकी उपज का 25 प्रतिशत खरीदने का निर्णय लिया गया था। किसानों की मांग और जमीनी स्थितियों को देखते हुए सरकार ने तय किया है कि प्रत्येक पात्र किसान से उसकी मूंग उपज का 60 प्रतिशत तक समर्थन मूल्य पर खरीदा जाएगा।
स्लॉट बुकिंग, उपार्जन अवधि भी बढ़ी
नर्मदापुरम, हरदा और सीहोर जैसे प्रमुख मूंग उत्पादक जिलों में यह औसतन लगभग तीन क्विंटल प्रति एकड़ के बराबर होगा। किसानों की सुविधा के लिए स्लॉट बुकिंग की अंतिम तिथि 30 जुलाई से बढ़ाकर 10 अगस्त कर दी है। वहीं, उपार्जन की अंतिम तिथि भी 10 अगस्त से बढ़ाकर 20 अगस्त कर दी गई है, ताकि अधिक से अधिक किसान खरीदी प्रक्रिया में शामिल हो सकें।
ई-टोकन से खाद वितरण की व्यवस्था स्थगित
सरकार ने इसके साथ ही किसानों की एक और बड़ी मांग को पूरा करते हुए ई-टोकन व्यवस्था को स्थगित कर दिया है। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव के निर्देश पर कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति गठित की जाएगी, जो ई-टोकन प्रणाली की समीक्षा कर अपनी अनुशंसाएं देगी, जिसके आधार पर सुधार किए जाएंगे। तब तक खाद वितरण की पुरानी व्यवस्था जारी रहेगी।
