जयस नेता ने नाबालिग से किया दुष्कर्म, गर्भवती हुई तो खिला दी बच्चा गिराने की गोली, 17 साल की किशोरी ने मृत शिशु को दिया जन्म
By Ashish Meena
नवम्बर 3, 2026
मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले के सेंधवा के सिविल अस्पताल में सोमवार दोपहर 17 साल की किशोरी ने मृत बच्चे को जन्म दिया। किशोरी ने जयस नेता राहुल सोलंकी पर दुष्कर्म और गर्भवती होने के बाद गर्भपात की गोलियां देने का आरोप लगाया है।
पुलिस ने किशोरी के बयान के आधार पर सोमवार रात राहुल सोलंकी और उसके सहयोगी दिलीप के खिलाफ दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट और संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया। ।
शहर थाना प्रभारी दिनेश सिंह कुशवाह ने बताया कि सोमवार को सिविल अस्पताल से गर्भवती किशोरी के भर्ती होने की सूचना मिली थी। किशोरी ने अस्पताल में मृत बच्चे को जन्म दिया। इसके बाद पुलिस टीम अस्पताल पहुंची और महिला अधिकारी ने उसके बयान दर्ज किए।
जयस नेता पर मामला हुआ दर्ज
थाना प्रभारी के मुताबिक, बयान में दुष्कर्म की बात सामने आई। पुलिस ने राहुल पिता रतनसिंह और दिलीप नाम के युवक के खिलाफ केस दर्ज किया है। जांच के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कौन है राहुल सोलंकी
राहुल सोलंकी वर्तमान में जयस के ब्लॉक अध्यक्ष और मध्य प्रदेश आदिवासी विकास परिषद युवा प्रभाग के बड़वानी जिला अध्यक्ष है। ग्रामीण थाना क्षेत्र के झोपाली के रहने वाले है।आदिवासी कार्यक्रमों और जयस के आंदोलन में सक्रिय रूप से नजर आते है।
भाजपा नेता ने लगाए आरोप
भाजपा के पूर्व अजजा मोर्चा जिला अध्यक्ष डॉ. रेलाश सेनानी ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज का प्रतिनिधि और हितैषी बनने का दावा करने वाले कुछ लोग समाज की बेटियों के साथ गलत कर रहे हैं।
हालत बिगड़ने पर अस्पताल पहुंचाया
सेनानी ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस के कार्यक्रमों में बेटियों की सुरक्षा और सम्मान की बात करने वालों पर ऐसा मामला दर्ज होना गंभीर विषय है। सेनानी ने अस्पताल से मिली जानकारी का हवाला देते हुए कहा कि किशोरी करीब आठ माह की गर्भवती थी। हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसने मृत बच्चे को जन्म दिया।
निष्पक्ष जांच की मांग
उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की।साथ ही बाजार में बिना नियंत्रण के उपलब्ध गर्भपात की दवाइयों की बिक्री पर रोक लगाने के लिए अभियान चलाने की बात कही।सेनानी ने कहा कि आदिवासी समाज की बेटियों की सुरक्षा के लिए शासन-प्रशासन को गंभीरता से कदम उठाने चाहिए।
