खातेगांव TI हत्याकांड में बड़ा खुलासा, मध्यप्रदेश से गुजरात तक फैला अवैध शराब का नेटवर्क, मुख्य आरोपी कांग्रेस नेता राहुल जायसवाल गिरफ्तार
By Ashish Meena
नवम्बर 3, 2026
मालवा जंक्शन, खातेगांव।
एमपी के देवास में शराब माफिया द्वारा टीआई दिलीप प्रभारी की हत्या मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने मामले में जिस मुख्य आरोपी और सरगना को हिरासत में लिया है वह कांग्रेस पार्टी का बड़ा पदाधिकारी निकला। खातेगांव-टिमरनी से लेकर गुजरात तक वह अवैध शराब का नेटवर्क संचालित करता है। हिरासत के बाद एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह खुद अपना पद और शराब कारोबार की जानकारी दे रहा है।
जिले के खातेगांव में थाना प्रभारी दिलीप कुमार पुरी की मौत के मामले में पुलिस की जांच अब शराब तस्करी के बड़े नेटवर्क तक पहुंच गई है। इस मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी राहुल जायसवाल को कांग्रेस नेता बताया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, राहुल टिमरनी से अवैध शराब की सप्लाई का नेटवर्क संचालित कर रहा था और शराब की खेप गुजरात भेजी जा रही थी। मामले में वाहन चालक समेत अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आई है।
तलाशी के दौरान TI पर चढ़ा दिया था वाहन
पुलिस के अनुसार, 2 नवंबर की रात सूचना मिली थी कि आयशर वाहन क्रमांक MP-43 H4786 में बड़ी मात्रा में अवैध शराब भरकर टिमरनी से गुजरात ले जाई जा रही है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कन्नौद के निर्देशन में चार पुलिस टीमों ने नाकाबंदी की। इस दौरान सांडलपुर फाटा स्थित नर्मदा ढाबे के सामने शराब से भरा आयशर वाहन दिखाई दिया।
खातेगांव थाना प्रभारी निरीक्षक दिलीप पुरी ने वाहन चालक को नीचे उतरकर तलाशी देने के लिए कहा। आरोप है कि चालक ने जान से मारने की नीयत से वाहन TI के ऊपर चढ़ा दिया और शराब से भरी गाड़ी लेकर मौके से भाग गया। इस घटना में आरक्षक सोहन जाट को भी वाहन से कुचलने का प्रयास किया गया, जिसमें वह घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल दिलीप पुरी का उपचार के दौरान निधन हो गया।
राहुल जायसवाल को बताया नेटवर्क का मुख्य सरगना
घटना के बाद पुलिस की अलग-अलग टीमों ने दबिश देकर शराब से भरे वाहन को पकड़ लिया। जांच में वाहन चालक की पहचान अलीराजपुर निवासी गजेंद्र उर्फ अक्कु रावत के रूप में हुई। पुलिस के मुताबिक, यह वाहन केरम सिंह चांगोड़ ने उपलब्ध कराया था। केरम सिंह को अभिरक्षा में लिया गया है।
पुलिस की जांच में शराब कारोबार से जुड़े लोगों की हिस्सेदारी का भी खुलासा हुआ है। शराब ठेका बड़वानी निवासी पाटेन्द्र जायसवाल के नाम पर बताया गया है। इसमें राहुल जायसवाल, मनीष जायसवाल और मोहिन जायसवाल की 30-30 प्रतिशत तथा पाटेन्द्र की 10 प्रतिशत हिस्सेदारी बताई गई है।
राहुल अवैध शराब की सप्लाई का नेटवर्क संभालता है
पुलिस के मुताबिक, टिमरनी निवासी राहुल जायसवाल तीनों दुकानों से अवैध शराब की सप्लाई का नेटवर्क संचालित करता था। उसे इस पूरे नेटवर्क का मुख्य सरगना बताया गया है। पुलिस ने राहुल को गिरफ्तार कर लिया है। इसके अलावा इंदौर निवासी विजय राव को भी गिरफ्तार किया गया है।
पांच जिलों में पुलिस की दबिश, फरार आरोपियों पर इनाम
इस मामले में खातेगांव थाने में BNS की धारा 103(1), 109(1), 121(2), 3(5) और आबकारी एक्ट की धारा 34(2) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस की टीमें पांच जिलों में दबिश दे रही हैं। फरार आरोपियों पर देवास पुलिस अधीक्षक ने 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घटना की विस्तृत जांच के लिए विशेष पुलिस महानिदेशक उपेंद्र जैन को तत्काल घटनास्थल पर भेजा था। मुख्यमंत्री ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
राहुल जायसवाल को पुलिस ने कथित नेटवर्क का मुख्य सरगना बताया है।
शराब की खेप टिमरनी से गुजरात भेजी जा रही थी।
वाहन चालक गजेंद्र उर्फ अक्कु रावत और वाहन उपलब्ध कराने वाले केरम सिंह की भूमिका सामने आई।
इंदौर निवासी विजय राव भी गिरफ्तार किया गया है।
फरार आरोपियों की तलाश में पांच जिलों में पुलिस की कार्रवाई जारी है।
पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। शराब तस्करी के पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है।
