खातेगांव टीआई हत्याकांड से अवैध शराब के सिंडिकेट का भंडाफोड़, हरदा के टिमरनी से लोड होता था माल, 10 किमी आगे चलती थी रेकी की कार, आलीराजपुर के जंगलों में छिपाते थे खेप
By Ashish Meena
नवम्बर 5, 2026
मालवा जंक्शन, खातेगांव।
देवास जिले के खातेगांव में थाना प्रभारी दिलीप कुमार पुरी की हत्या के बाद अवैध शराब के बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़ हुआ है। जांच में सामने आया है कि शराब माफिया हरदा से इंदौर, धार, झाबुआ और आलीराजपुर के रास्ते गुजरात तक अवैध शराब की खेप पहुंचा रहा था। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक 13 आरोपियों को हिरासत में लिया है।
10 किमी आगे रेकी कार और स्पेशल ‘सीक्रेट बॉक्स’
जांच में तस्करों के काम करने के अनोखे और शातिर तरीके का खुलासा हुआ है। शराब से लदे ट्रक के 10 किलोमीटर आगे 4 लोगों से भरी एक कार चलती थी, जो रास्ते में पुलिस चेकिंग की सूचना देती थी। हरी झंडी मिलने पर ही ट्रक आगे बढ़ता था, अन्यथा शराब को जंगलों में छिपा दिया जाता था। पुलिस को चकमा देने के लिए ट्रकों के कैबिन और बॉडी में अलग से स्पेशल ‘सीक्रेट बॉक्स’ बनाए जाते थे, ताकि गाड़ियाँ देखने में सामान्य लगें। हरदा के टिमरनी से माल लोड होकर तीन रास्तों से इंदौर होते हुए गुजरात बॉर्डर पार कराया जाता था। मुख्य आरोपी स्थानीय गरीब लोगों को पैसों का लालच देकर इस्तेमाल करते थे।
बिजनेस और राजनीति में सक्रिय था मुख्य सरगना
सिंडिकेट में मुख्य भूमिका निभाने वाला राहुल जायसवाल पेट्रोल पंप, बस संचालन और प्रॉपर्टी बिजनेस के साथ राजनीतिक गलियारों में भी सक्रिय था। उसने बीते 10 सालों में शराब तस्करी के पैसों से ही यह साम्राज्य खड़ा किया। 2024-25 के ठेकों में घाटे के बाद वह इस अवैध नेटवर्क में अधिक सक्रिय हो गया था। वहीं इंदौर का कारोबारी मनीष जायसवाल आलीराजपुर तक खेप पहुँचाने और स्थानीय नेटवर्क को संभालने का काम करता था।
शराब दुकानें सील, आबकारी अफसर और आरक्षक सस्पेंड
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने हरदा जिले के टिमरनी की तीनों शराब दुकानों के लाइसेंस निलंबित कर उन्हें सील कर दिया है। वहीं, कर्तव्य में लापरवाही बरतने पर हरदा के सहायक जिला आबकारी अधिकारी अमर सिंह बघेल और दो आरक्षकों (अरुण कुम्बरे व कृष्णपाल सिंह डोडिया) को सस्पेंड कर दिया गया है। डीजीपी उपेंद्र जैन के अनुसार, पूरे नेटवर्क की पहचान कर ली गई है। पुलिस की विशेष टीमें 5 जिलों में लगातार छापेमारी कर रही हैं ताकि सप्लायर से लेकर खरीदार तक इस पूरे नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके।
