खातेगांव विधानसभा से चुनाव लड़ने की तैयारी में था राहुल जायसवाल! अवैध शराब नेटवर्क से रोजाना कर रहा था 5 लाख तक की कमाई, पीड़ितों के भी दर्ज होंगे बयान

By Ashish Meena
नवम्बर 5, 2026

मालवा जंक्शन, खातेगांव।
खातेगांव के जांबाज थाना प्रभारी (टीआई) स्वर्गीय दिलीप कुमार पुरी हत्याकांड की जांच में पुलिस अब हत्या के आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ-साथ शराब माफियाओं के आर्थिक नेटवर्क और उनकी काली कमाई के साम्राज्य को पूरी तरह ध्वस्त करने में जुट गई है। इस सिलसिले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी और कथित सरगना कांग्रेस नेता राहुल जायसवाल की 3 बसें जब्त की हैं। इनमें से दो बसें बिजवाड़ से पकड़कर कांटाफोड़ थाने में खड़ी कराई गई हैं, जबकि एक बस डबल चौकी से जब्त की गई है। पुलिस अब इन बसों के फिटनेस और परमिट दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रही है।

डिजिटल साक्ष्य जब्त, 5 लाख रुपए प्रतिदिन की काली कमाई

जांच का दायरा अब शराब के अवैध कारोबार से होने वाली अकूत कमाई और उसके फाइनेंसरों तक पहुंच गया है। बुधवार को पुलिस ने राहुल जायसवाल के कार्यालय पर छापेमारी कर डिजिटल सामग्री और वित्तीय रिकॉर्ड जब्त किए। जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि राहुल जायसवाल अवैध शराब नेटवर्क से रोजाना करीब 5 लाख रुपए की कमाई कर रहा था।

पुलिस अब इस रकम के स्रोतों, बैंक खातों और लेनदेन की पड़ताल कर रही है। हरदा के टिमरनी स्थित तीन शराब ठेकों के स्टॉक रजिस्टर, बिल-वाउचर और पार्टनर्स के लेनदेन की भी जांच की जा रही है। मामले में तस्करों के अंतरराज्यीय नेटवर्क को खंगालने के लिए एसटीएफ (STF) की 5 टीमें गठित कर आलीराजपुर, इंदौर, हरदा और गुजरात भेजी गई हैं। गुजरात गई टीम फाइनेंसरों की कुंडली खंगाल रही है।

खातेगांव से विधानसभा चुनाव लड़ने की थी तैयारी

अवैध शराब सिंडिकेट का मुख्य सरगना राहुल जायसवाल पेट्रोल पंप, बस संचालन और प्रॉपर्टी बिजनेस की आड़ में अपना साम्राज्य चला रहा था। बीते 10 वर्षों में उसने अवैध तस्करी के पैसे से ही यह पूरा आधार तैयार किया था। वर्ष 2024-25 के आबकारी ठेकों में घाटे के बाद वह इस अवैध नेटवर्क में और अधिक सक्रिय हो गया। पूछताछ में यह भी सामने आया है कि वह खातेगांव विधानसभा क्षेत्र से आगामी चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा था और इसी के लिए भारी भरकम फंड जुटा रहा था। इस नेटवर्क में इंदौर का कारोबारी मनीष जायसवाल भी शामिल था, जो आलीराजपुर तक खेप पहुंचाने और स्थानीय लॉजिस्टिक्स संभालता था।

पीड़ितों के भी दर्ज होंगे बयान

जांच के दौरान पुलिस को एक ऐसे व्यक्ति की जानकारी भी मिली है, जो राहुल जायसवाल के दबाव और प्रताड़ना के कारण आर्थिक रूप से पूरी तरह बर्बाद हो गया था और आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम उठाने की सोच रहा था। पुलिस जल्द ही उस व्यक्ति से पूछताछ कर उसका बयान दर्ज करेगी। पुलिस अधिकारियों का साफ कहना है कि टीआई हत्याकांड के दोषियों और शराब माफिया के पूरे सिंडिकेट को बख्शा नहीं जाएगा।

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आशीष मीणा हिंदी पत्रकार हैं और राष्ट्रीय तथा सामाजिक मुद्दों पर लिखते हैं। उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई की है और वह तथ्यात्मक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग पर ध्यान केंद्रित करते हैं।