MP में 9वीं की छात्रा की सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या, शव जलाया, प्रेमी ने दोस्तों के साथ मिलकर की दरिंदगी

By Ashish Meena
जून 2, 2026

मध्यप्रदेश के ग्वालियर में 9वीं की छात्रा की सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या और उसके बाद शव जलाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। भिंड जिले के मौ निवासी 15 साल की छात्रा से यह वारदात उसके प्रेमी और 2 दोस्तों ने ही की। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

दरअसल, आरोपी रामू गुर्जर छात्रा को 28 मई को घर से भगाकर बाइक से 61 किमी दूर ग्वालियर लाया। इसके बाद वह दो दोस्तों जनकगंज निवासी अरुण कुशवाहा और गौरव कुशवाहा के साथ छात्रा को 500 फीट ऊंची गुप्तेश्वर पहाड़ी पर ले गया। पहले तीनों आरोपियों ने शराब पी। इसके बाद रामू ने छात्रा से दुष्कर्म किया।

इसी दौरान रामू 50 हजार रुपए में छात्रा को अरुण को बेचने का सौदा करने लगा। नाबालिग ने अस्मत का सौदा होते देख विरोध किया। गुस्साए आरोपियों ने उसे पीटा। इसके बाद रामू के एक साथी ने छात्रा से दुष्कर्म किया। पीड़िता रोने लगी तो रात 11:30 बजे आरोपियों ने दुपट्टे से गला दबाकर उसे मार डाला। इसके बाद तीनों भाग गए। अगले दिन सबूत मिटाने के लिए तीनों ने पेट्रोल छिड़ककर शव को जला दिया।

वारदात का खुलासा तब हुआ, जब मौ थाना पुलिस ने छात्रा की गुमशुदगी की जांच में रामू गुर्जर को पकड़ा। कड़ाई से पूछताछ में उसने कबूल किया कि उन्होंने छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म किया। इसके बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

जिस प्यार के भरोसे गई थी, उसी हैवान ने ले ली जान

रामू गुर्जर और छात्रा की मुलाकात झांकरी स्कूल के पास हुई थी। पिछले एक साल से दोनों संपर्क में थे। रामू के दो दोस्त जनकगंज थाना क्षेत्र के गुप्तेश्वर पहाड़ी के नीचे रहते थे। दोनों को जगह का पता था। इससे पहले से साजिश रच ली थी। प्यार के भरोसे में लड़की रामू के साथ आई और उसकी हत्या कर दी गई।

जिसे फूलों की तरह पाला, दरिंदों ने कोयला कर दिया

कुछ महीने पहले मेरी 15 साल की बेटी ने बताया था कि पड़ोस के गांव का रामू गुर्जर उसके पीछे पड़ा रहता है। अक्सर परेशान करता है। मैंने बेटी को समझाया कि वह इन बातों पर ध्यान न देकर सिर्फ अपनी पढ़ाई पर फोकस करे। इसके बाद कभी उस लड़के का जिक्र नहीं किया। मुझे लगा कि बात वहीं खत्म हो गई है। 28 मई की शाम मैं पानी भरने गया था, पत्नी घर के काम में लगी थी। तभी बेटी शौच की बात कहकर निकली और लौटी नहीं। रात तक हम उसे हर जगह तलाशते रहे। हमने घर में देखा तो सोने-चांदी के कुछ जेवर गायब थे। मेरी जेब में रखे एक हजार रुपए में से 500 रुपए गायब थे। तब हमें लगा कि शायद कोई उसे बहला-फुसलाकर साथ ले गया है। उसके बैग में हमें आधार कार्ड और रामू गुर्जर का नाम व मोबाइल नंबर मिला। अगले दिन 29 मई को मैंने मौ थाने में बेटी की गुमशुदगी दर्ज कराई। आज पता चला कि मेरी बेटी की हत्या कर दी गई है। मेरे पैरों तले जमीन खिसक गई। यह सोचकर ही मेरी रूह कांप जाती है कि आखिरी समय में मेरी बच्ची ने कितना दर्द, कितना डर झेला होगा। जिस बेटी को फूलों की तरह पाला, दरिंदों ने उसे जलाकर कोयला कर दिया। हत्यारों को ऐसी कड़ी सजा मिले कि भविष्य में कोई ऐसी हैवानियत न करे।’

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आशीष मीणा हिंदी पत्रकार हैं और राष्ट्रीय तथा सामाजिक मुद्दों पर लिखते हैं। उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई की है और वह तथ्यात्मक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग पर ध्यान केंद्रित करते हैं।

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