देवास पुलिस को बड़ी सफलता, ऑपरेशन त्रिनेत्रम से टला दोहरा हत्याकांड, इंदौर में सर्जिकल स्ट्राइक जैसी दबिश, अपहरण के 6 आरोपी गिरफ्तार
By Ashish Meena
मई 7, 2026
देवास। देवास पुलिस ने एक बार फिर अपनी तत्परता और आधुनिक तकनीक का लोहा मनवाते हुए अपहरण के एक बेहद संवेदनशील मामले को सुलझा लिया है। “ऑपरेशन त्रिनेत्रम” के प्रभावी क्रियान्वयन से पुलिस ने मौत की धमकी की समय-सीमा (डेडलाइन) समाप्त होने से पहले ही दो पीड़ितों को सकुशल मुक्त करा लिया। इस कार्रवाई में 6 अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार कर उनके पास से हथियार और वारदात में प्रयुक्त कार भी बरामद की गई है।
क्या है पूरा मामला?
घटना की शुरुआत 6 मई, 2026 की देर रात हुई। डायल-112 पर सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम किलोदा-पी (थाना कन्नौद) में घर में सो रहे दो व्यक्तियों—बगदिया और उनके पुत्र मुकेश—का अज्ञात बदमाशों ने अपहरण कर लिया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (SP) पुनीत गेहलोद ने तत्काल विशेष टीमों का गठन कर नाकाबंदी के निर्देश दिए।
प्रेम विवाह बना अपहरण का कारण
प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई कि यह अपहरण कोई सामान्य फिरौती का मामला नहीं था। पीड़ित परिवार के एक युवक द्वारा आरोपी पक्ष की युवती से प्रेम विवाह (Love Marriage) किए जाने से नाराज होकर इस वारदात को अंजाम दिया गया था। आरोपियों ने धमकी दी थी कि यदि सुबह 4:00 बजे तक युवती को वापस नहीं भेजा गया, तो वे दोनों अपहृत व्यक्तियों की हत्या कर देंगे।
‘ऑपरेशन त्रिनेत्रम’ और सीसीटीवी की भूमिका
एडिशनल एसपी (ग्रामीण) सौम्या जैन और एसडीओपी कन्नौद आदित्य तिवारी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी तहजीब काजी की टीम ने ‘ऑपरेशन त्रिनेत्रम’ के तहत लगे सीसीटीवी कैमरों का जाल बिछाया। तकनीक और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस ने आरोपियों का पीछा किया। भागते हुए आरोपी इंदौर पहुंचे, जहां पुलिस ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया।
इंदौर में सर्जिकल स्ट्राइक जैसी दबिश
पुलिस ने कैमोफ्लाज पद्धति (छिपकर हमला करने की तकनीक) का उपयोग करते हुए इंदौर के उस संदिग्ध इलाके की घेराबंदी की जहां पीड़ितों को बंधक बनाकर रखा गया था। समय बीत रहा था और 4:00 बजे की डेडलाइन नजदीक थी। पुलिस ने बिना समय गंवाए सटीक दबिश दी और घेराबंदी कर 6 आरोपियों को धर दबोचा।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम:
गणेश (पलासी)
मुकेश (पलासी)
रामविलास (किलोदा-पी)
श्री (किलोदा-पी)
राजपाल (पिपल्या नानकार)
राजा (संदलपुर)
निष्कर्ष और पुलिस की भूमिका’
इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन में थाना प्रभारी कन्नौद तहजीब काजी, उनि राहुल रावत, साइबर सेल के शिवप्रताप सिंह और उनकी टीम की विशेष भूमिका रही। देवास पुलिस की इस साहसिक कार्रवाई ने न केवल दो लोगों की जान बचाई, बल्कि समाज में कानून व्यवस्था के प्रति विश्वास को और मजबूत किया है।
