पश्चिम बंगाल में हिंसा, ममता बनर्जी को हराने वाले शुभेंदु के PA की गोली मारकर हत्या, बीजेपी कार्यकर्ताओं ने जाम किया हाईवे
By Ashish Meena
मई 7, 2026
पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद हिंसा थम नहीं रही है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को उनके गढ़ भवानीपुर में पटखनी देने वाले भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी. उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम इलाके में हुई इस वारदात के बाद बड़ी संख्या में बीजेपी के कार्यकर्ता उस अस्पताल के बाहर जमा हो गए, जिस अस्पताल में चंद्रनाथ को ले जाया गया है.
बीजेपी कार्यकर्ताओं ने घटना के लिए टीएमसी को जिम्मेदार बताते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर दिया. बीजेपी कार्यकर्ताओं ने दोषियों पर बड़ी से बड़ी, जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग करते हुए नारेबाजी की. घटना की जानकारी मिलते ही शुभेंदु अधिकारी भी अस्पताल पहुंच गए. शुभेंदु अधिकारी के भाई दिव्येंदु अधिकारी ने चंद्रनाथ रथ की हत्या को टार्गेट किलिंग बताया है.
शुभेंदु अधिकारी ने घटना को लेकर कहा है कि हम अभी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकते. उन्होंने कहा कि हमें ऐसा महसूस हो रहा है कि इस घटना के पीछे राजनीतिक कनेक्शन है. शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि पुलिस घटना की जांच कर रही है. वहीं, बैरकपुर के पूर्व सांसद अर्जुन सिंह भी अस्पताल पहुंच गए थे.
अर्जुन सिंह ने घटना के लिए सीधे-सीधे टीएमसी पर आरोप लगाया और कहा कि दोषियों का एनकाउंटर होना चाहिए. बीजेपी के नेता और कार्यकर्ता इस घटना के लिए सीधे-सीधे टीएमसी पर आरोप लगा रहे हैं. बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं का आरोप है कि टीएमसी चुनाव हारने के बाद अब यह मैसेज देना चाहती है कि हम कहीं भी कुछ भी करा सकते हैं.
वहीं, टीएमसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर घटना की कड़ी निंदा की है. टीएमसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा है कि लोकतंत्र में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है. टीएमसी ने घटना की जांच कोर्ट की निगरानी में सीबीआई से कराने की मांग कराते हुए कहा है कि दोषियों को सख्त से सख्त सजा दी जाए.
पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सिद्धनाथ गुप्ता ने कहा है कि जांच शुरू कर दी गई है. घटना में इस्तेमाल की गई कार सीज की गई है. उसका नंबर टेंपर्ड किया गया था. उन्होंने यह भी कहा कि मौके से फायर की गई गोली के कार्टेज बरामद किए गए हैं. सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और प्रत्यक्षदर्शियों से भी जानकारी ली जा रही है. डीजीपी ने दावा किया कि इस घटना में शामिल अपराधियों को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा.
कैसे हुआ हमला?
अब तक मिली जानकारी से पता चलता है कि यह सोची-समझी हत्या थी. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, चंद्रनाथ की कार का पीछा दो गाड़ियां कर रही थीं, एक चार-पहिया और एक मोटरसाइकिल. कथित तौर पर पीछा करने वाली कार ने चंद्रनाथ की गाड़ी को ओवरटेक किया, जिससे कार को धीमा करना पड़ा. कुछ ही पलों बाद, बाइक पर सवार हमलावरों ने बहुत करीब से गोलीबारी शुरू कर दी. इस दौरान करीब चार राउंड गोलियां चलाई गईं, जिनमें से तीन गोलियां चंद्रनाथ के सीने, पेट और सिर में लगीं.
चश्मदीदों ने पुलिस को बताया कि हमले में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल पर कोई रजिस्ट्रेशन प्लेट नहीं थी, जिससे यह शक पैदा होता है कि यह हमला पहले से ही सोच-समझकर किया गया था. एक सूत्र ने घटनाक्रम बताते हुए कहा, “किसी ने उनकी कार का पीछा किया और जब कार धीमी हुई, तो उन्होंने गोली चला दी.”
गोलीबारी में गाड़ी का ड्राइवर भी घायल हो गया, जिसका कोलकाता के SSKM अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है. उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है. सूत्रों ने बताया कि घटनास्थल से बरामद गोलियों के खोखे इस बात का संकेत देते हैं कि हमले में किसी छोटे हथियार, संभवतः ऑस्ट्रिया में बनी Glock पिस्टल का इस्तेमाल किया गया होगा. हालांकि, जांचकर्ताओं ने आगाह किया है कि सटीक हथियार की पुष्टि केवल फॉरेंसिक जांच के बाद ही हो पाएगी. सूत्रों ने कहा, “फॉरेंसिक जांच से पता चलेगा कि हमले में किस तरह के हथियार का इस्तेमाल किया गया था.”
घटनास्थल से मिले दृश्यों में कार की खिड़की पर गोलियों के निशान दिखाई दिए, जो हमले की भयावहता को दर्शाते हैं. जांचकर्ताओं ने घटनास्थल से खाली कारतूस और जिंदा गोलियां बरामद की हैं. पश्चिम बंगाल के DGP सिद्धार्थ नाथ गुप्ता ने कहा है कि इस मामले से जुड़ी एक गाड़ी को रोक लिया गया है.
उन्होंने कहा, “कार की नंबर प्लेट के साथ छेड़छाड़ की गई थी. हमने गाड़ी को जब्त कर लिया है, उसमें से चले हुए कारतूस और जिंदा गोलियां बरामद की हैं. कई CCTV फुटेज की जांच की जा रही है.” संदिग्धों की आवाजाही का पता लगाने के लिए पुलिस की टीमें जेसोर रोड और आस-पास के इलाकों के CCTV फुटेज खंगाल रही हैं. चल रही जांच के तहत स्थानीय चश्मदीदों से भी पूछताछ की जा रही है.
कौन थे चंद्रनाथ रथ?
चंद्रनाथ रथ को अधिकारी का भरोसेमंद सहयोगी माना जाता था और वे कई सालों से उनके साथ करीब से जुड़े हुए थे. वे राजनीतिक कामों में सक्रिय रूप से शामिल थे, जिसमें हाई-प्रोफ़ाइल भवानीपुर चुनाव भी शामिल है. बीजेपी की सीनियर लीडर कीया घोष ने दावा किया कि चंद्रनाथ को उनकी सियासी भूमिका की वजह से निशाना बनाया गया. उन्होंने कहा, “चंद्रनाथ ने सुवेंदु अधिकारी के लिए बहुत मेहनत से काम किया. यह कोई अचानक हुई घटना नहीं है. इस हत्या के पीछे राजनीतिक रंजिश हो सकती है.”
बशीरहाट में भी गोलीबारी
बशीरहाट में एक अलग घटना में रोहित रॉय उर्फ चिंटू नाम का एक युवक एक झड़प में घायल हो गया. बताया जा रहा है कि यह झड़प पार्टी का झंडा फहराने को लेकर हुए विवाद से जुड़ी थी. गोलीबारी की इस घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया. इस घटना ने राज्य के कुछ हिस्सों में पहले से ही तनावपूर्ण माहौल को और बढ़ा दिया है.
